रामकथा हर व्यथा मिटाने वाली - डा.आनंद भारती शर्मा
सीकर। कल्याण धाम में महंत श्री विष्णु प्रसाद शर्मा के पावन सानिध्य में आयोजित नो दिवसीय रामकथा के दूसरे दिन कथा व्यास डा.आनंद भारती शर्मा ने कहा कि मनुष्य के सामने चाहे कितनी भी बड़ी व्यथा आए तब उसे राम कथा का पठन - पाठन तथा श्रवण - मनन करना चाहिए क्योंकि राम कथा हर व्यथा मिटाने वाली होती है तथा मानव को मानव होने का एहसास कराती है। डा.भारती ने भक्ति के रहस्य को उजागर करते हुए कहा कि सकाम भक्ति वालों को जो मांगते हैं वो मिलता है परंतु निष्काम भक्ति वालों के उपर भगवान अनमोल खजाना लुटाते हैं। कथाव्यास ने सती प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि पति पत्नी के आत्मीय संबंधों में जब श्रद्धा एवं विश्वास में से किसी एक तत्व की भी कमी हो जाती है तो दाम्पत्य जीवन तनावपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रेम में शर्त नहीं, समर्पण होता है और वह इसका सहज स्वभाव होता है। कथा व्यास ने भारत को धर्म प्रधान देश बताते हुए कहा कि राजनीति धर्ममय होनी चाहिए परंतु धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए। आज की कथा के यजमान रामावतार शर्मा दंपत्ति धींगपुर वाले थे। आज कथा में बड़ी संख्या में महिलाओं के अलावा सर्वश्री कृष्ण कुमार जोशी, कमल माथुर, राधा किशन चोबदार, अरविंद कुमार शर्मा,नरेंद्र कुमार शर्मा, भगवान दास सिन्धी, राजीव लोचन शर्मा,श्री कृष्ण शर्मा,महेश सैनी,सुख सागर शर्मा,रवि शर्मा, राम प्रसाद, भानू प्रकाश, अक्षय सैन इत्यादि उपस्थित थे।