रेखा गुप्ता का राहुल गांधी पर हमला, बोलीं- उन्हें सिर्फ अपनी चिंता
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा है। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं को 'अराजक' बताते हुए आरोप लगाया कि वे जनता के मुद्दों को उठाने के बजाय राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने और सत्ता हासिल करने पर अधिक ध्यान देते हैं।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को अपनी चिंता अधिक रहती है और वह चाहते हैं कि राजनीतिक चर्चा में उनकी ही आवाज प्रमुखता से सुनी जाए। उनके बयान ऐसे समय आए हैं, जब विपक्ष एसआईआर की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहा है।
एसआईआर के विरोध पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल
रेखा गुप्ता ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पहले भी कई बार कराया जा चुका है। उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया अलग-अलग राजनीतिक दलों की सरकारों के कार्यकाल में चुनाव आयोग की ओर से कराई गई है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि यदि पहले इस प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं थी, तो अब विरोध क्यों किया जा रहा है।
दिल्ली का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछली बार एसआईआर की प्रक्रिया 2002 में हुई थी, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में पार्टी को लंबे समय से जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है।
रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एसआईआर के बाद हुए चुनावों में जीत हासिल की थी, लेकिन अब चुनावी हार के बाद इसी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं, जबकि एसआईआर की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष की आपत्तियां अलग मुद्दा हैं।
पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी आप को घेरा
मुख्यमंत्री ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी आम आदमी पार्टी की आलोचना की। उन्होंने राज्य में कथित ड्रग रैकेट और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने के आरोपों का जिक्र किया।
रेखा गुप्ता ने इन मुद्दों को उठाते हुए आप से जवाब मांगा और कहा कि राजनीतिक दलों को उन समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए, जिनका सामना आम नागरिक कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का जिक्र
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के हालिया कैबिनेट फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और देशसेवा के 25 साल पूरे होने पर दिल्ली कैबिनेट ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रस्ताव में देश की प्रगति, लोगों के जीवन स्तर में सुधार और राज्यों के विकास के लिए प्रधानमंत्री के योगदान की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विकास में केंद्र सरकार का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है और राष्ट्रीय राजधानी के लोगों की ओर से इसके लिए आभार व्यक्त किया गया है।
आयुष्मान भारत योजना पर सरकार का दावा
स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में बात करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना को अपनाने का फैसला किया गया था। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है, जबकि दिल्ली सरकार ने इसमें पांच लाख रुपये अतिरिक्त जोड़ने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक नौ लाख से अधिक लोग योजना के तहत पंजीकरण करा चुके हैं। उनके मुताबिक, करीब 65 हजार क्लेम निपटाए गए हैं और 118 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली में लगभग 1,100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करना है।
दिल्ली में 1.25 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उल्लेख
बुनियादी ढांचे के विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में 1.25 लाख करोड़ रुपये की सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी की गई हैं, उन पर काम जारी है या वे योजना के चरण में हैं।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य यातायात की भीड़ कम करना और दिल्ली के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सहयोग को इन प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
रेखा गुप्ता के बयान से साफ है कि दिल्ली में एसआईआर, विपक्ष की राजनीति और विकास योजनाओं को लेकर सियासी बहस जारी है। एक ओर भाजपा सरकार विपक्ष की आलोचनाओं पर सवाल उठा रही है, वहीं एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियां राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई हैं।