तारबंदी की लागत कम करने के लिए नियमों में शिथिलता – कृषि मंत्री
जयपुर। कृषि मंत्री श्री किरोड़ी लाल मीणा ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि तारबंदी योजना के तहत किसानों की लागत कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियमों में समय-समय पर शिथिलता दी गयी है। पहले हर 10 फीट पर पोल गाड़ने का नियम था, जिसे बढ़ाकर 15 फीट किया गया है। इसी प्रकार 6 तारों और 2 क्रॉस वायरों के स्थान पर 5 वायर मान्य किये गए हैं। पहले हर दसवें पोल पर सपोर्ट पोल लगाने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर पंद्रह कर दिया गया है। इसके अलावा पोल पर फाउन्डेशन की अनिवार्यता पर छूट दी गई है तथा चेन लिंक जाली के स्थान पर नोटेड जाली लगवाने पर भी अनुदान दिया जा रहा है। कृषि मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री सुभाष मील द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि खंडेला विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक 4482 कृषकों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किये गए। इनमें से नियमानुसार कार्य पूर्ण करने वाले 540 कृषकों को 150.18 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध करवाया गया है तथा 1190 कृषकों की पत्रावलियां प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि निर्धारित मापदण्ड पूरे नहीं करने के कारण शेष किसानों को पात्र नहीं माना गया है। कृषि मंत्री ने बताया कि आवेदक किसानों द्वारा मौके पर बताए गए खसरा क्षेत्रफल के कम होने, खसरा नम्बरों के एक परिधि में नहीं होने, प्री-वेरिफिकेशन से पहले ही तारबंदी पाये जाने, समूह में आवंटन पर किसी कृषक का सहमत नहीं होने, आवेदक कृषक की मृत्यु होने, कृषकों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने तथा खेत में फसल होने के कारण इस वित्तीय वर्ष में तारबंदी संभव नहीं हो पाने आदि कारणों की वजह से उन्हें अनुदान के लिए अपात्र माना गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय अनुकूलता के आधार पर तारबंदी की अनुदान राशि को बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा। इससे पूर्व सदस्य श्री मील द्वारा पूछे गए मूल सवाल के लिखित जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों की फसलों को नीलगाय, जंगली जानवरों एवं निराश्रित पशुओं से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए तारबंदी कार्यक्रम संचालित है। तारबंदी कार्यक्रम अन्तर्गत कृषकों द्वारा खेतों पर तारबंदी स्थापित करने पर 400 रनिंग मीटर तक लघु व सीमान्त कृषकों को इकाई लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 48 हजार रुपये की राशि ,सामान्य कृषकों को 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि रू. 40 हजार तथा सामुदायिक स्तर पर तारबंदी करने पर 70 प्रतिशत या अधिकतम राशि रू. 56 हजार एवं वनाधिकार पट्टा धारक कृषकों को 90 प्रतिशत या अधिकतम राशि रू. 72 हजार जो भी कम हो, अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। कृषक द्वारा 400 रनिंग मीटर से कम परिधि में तारबंदी स्थापित करने पर प्रोरेटा बेसिस पर अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने तारबंदी कार्यक्रम अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र खंडेला में वर्ष 2017-18 से 2025-26 (10.02.2026) तक कृषकों के कुल आवेदन, दिये गए अनुदान तथा प्रक्रियाधीन पत्रावलियों का विवरण सदन के पटल पर रखा। कृषि मंत्री ने कहा कि तारबंदी योजना में आवेदनों का निस्तारण प्राप्त लक्ष्यों के अनुरूप ‘’पहले आओ पहले पाओ’’ के आधार पर किया जाता है। कृषकों द्वारा आवेदन किये जाने के उपरांत प्रत्येक स्तर (दस्तावेज सत्यापन, प्री वेरिफेशन, प्रशासनिक स्वीकृति एवं भौतिक सत्यापन) पर लंबित रही पत्रावलियां आगामी वर्षों में उसी स्तर पर सम्मिलित होती हैं तथा दिशा-निर्देशानुसार पात्रता पूर्ण करने वाले कृषकों की पत्रावलियां जिले की वरियता के आधार पर निस्तारित की जाती हैं।