राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण हेतु विशेष पोस्टर का विमोचन
जयपुर. जिला कलेक्ट्रेट सभागार मे आयोजित जिला स्तरीय मोर संरक्षण समिति की बैठक मे वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत वर्ल्ड संगठन द्वारा राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण हेतु चलाई जा रही ‘राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण परियोजना’ के तहत जनजागरूकता फैलाने तथा राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण कार्य मे आमजन को सक्रिय रूप से जोडने हेतु विश्ोष पोस्टर का विमोचन जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित, वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो एवं एनिमल वैल्फेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि मनीष सक्सेना, अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश कुमार शर्मा, उपवन संरक्षक एवं सदस्य सचिव, जिला स्तरीय मोर संरक्षण समिति कपिल चन्द्रावल तथा उपवन संरक्षक मनफूल विश्नोई ने किया।
इस अवसर पर जिला कलेक्ट्रर प्रकाश राजपुरोहित ने राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण को राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक का पुनीत कर्तव्य बतलाया, उन्होंने संरक्षण कार्य मे ग्रामीणो की अहम भूमिका बतलाते हुए ग्रामीणो को राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण के कार्य मे जोडने पर बल दिया। जिला कलेक्ट्रर प्रकाश राजपुरोहित ने वर्ल्ड संगठन द्वारा राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण हेतु विगत दो दशको से चलाई जा रही ‘राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण परियोजना’ की सराहना करते हुए मोर बाहुल्य क्षेत्रो मे जनजागरूकता बढाने पर जोर दिया। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो एवं एनिमल वैल्फेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि मनीष सक्सेना ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय पक्षी की सर्वाधिक संख्या है तथा यह राजस्थान के लिए गर्व की बात है परन्तु कुछ समय से राष्ट्रीय पक्षी मोर के पंखो एंव मांस के लिए बढते शिकार, प्राकृतिक आवासो की कमी तथा कृषि मे किटनाशको के बढते प्रयोग से उनकी संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है। जिसे रोकने के लिए वर्ल्ड संगठन द्वारा ‘राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण परियोजना’ चलाई जा रही है। वर्ल्ड संगठन की उपनिदेशक एवं समिति की सदस्य नम्रता ने बताया कि इस परियोजना के तहत आमजन को जोड़ने के लिए जिले के विभिन्न गांवों एवं कस्बों में जागरूकता शिविर आयोजित किये जा रहे हैं जिनमें राष्ट्रीय पक्षी मोर के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। परियोजना के तहत ‘राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण समूह’ बनाए जा रहे हैं। इस समूह से जुड़े प्रत्येक सदस्य को पहचान पत्र जारी किया जायेगा व समूह के सदस्य राष्ट्रीय पक्षी को बचाने का संदेश जन-जन तक पहुंचायेंगे। मनीष सक्सेना ने बताया कि समिति की बैठक मे विगत दो वर्षो मे मोर के शिकार सम्बंधी प्रकरणो, मोर पंखो के अवैध व्यापार से जुडे व्यक्तियो की पहचान, मोरो की गणना, रेस्क्यू ऑपरेशन तथा जिले मे मोर संरक्षण के लिए प्रभावी उपाय एवं जन चेतना बढाने हेतु चर्चा की गई।