कन्हैयालाल वडेरा के जीवन में उजियारा लेकर आया राहत कैंप हाथो-हाथ बना दिव्यांग प्रमाण पत्र
उदयपुर । उदयपुर के झाड़ोल पंचायत समिति के देवास में चल रहे राहत शिविर में कन्हैयालाल वडेरा ने अपने जीवन का दुख शिविर प्रभारी मणिलाल तीरगर को सुनाया जिस पर शिविर प्रभारी ने संवेदना दिखाते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीक्षक कन्हैयालाल चव्हाण को सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाकर कन्हैयालाल को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए।
लाभार्थी कन्हैयालाल वडेरा ने बताया कि कुछ वर्षों पूर्व सडक दुर्घटना मे उसने अपना दाया पैर खो दिया। चलने फिरने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तथा अन्य कोई रोजगार भी नहीं है व वर्षों से वह अपाहिज की जिंदगी जीने को मजबूर है। दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं होने से उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, साथ ही उसका नाम एपीएल में है जिसकी वजह से राशन भी नहीं मिलता है। उसके तीन बालक-बालिका है जो आगनबाड़ी में अध्यनरत है लेकिन कोई भी दस्तावेज नही होने की वजह से उसे किसी भी प्रकार की योजना का लाभ नही मिल पा रहा था।
शिविर में ही कन्हैया लाल चव्हाण ने तहसीलदार हिम्मत सिंह राव, विकास अधिकारी मुकेश परमार का सहयोग लेते हुए डॉ. वर्दी चन्द्र कटारा द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया तथा साथ दिव्यांग पेंशन योजना का आवेदन करवाया। अब कन्हैया को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन का लाभ और 3 बच्चों के 4500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस पर कन्हैयालाल वडेरा ने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत, पूरे प्रशासन व राज्य सरकार का आभार जताया है।