शोध उपाधि शोधार्थी के प्रयासों का सम्मान होता है , प्रो शुक्ला
पंद्रह दिवसीय कोर्स वर्क पूर्ण विभिन्न संकाय के 288 शोधार्थी हुए शामिल
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल कुमार शुक्ला ने कहा कि कोई भी शोध उपाधि शोधार्थी के प्रयासों का सम्मान होता है, अतः शोध कार्य में नैतिकता का महत्वपूर्ण योगदान होता है। प्रो. शुक्ला सोमवार को विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन के सभागार में 15 दिवसीय पीएच.डी. कोर्स वर्क पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों के समापन आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। प्रो. शुक्ला ने कहा कि शोध की रूपरेखा शोधार्थी को एक निश्चित दिशा प्रदान करने में सहयोग प्रदान करती हैं।शोध कार्य में उद्देश्य का निर्धारण प्राथमिकता होनी चाहिए । उन्होंने शोधार्थियों को आश्वस्त किया कि वह अपना शोध कार्य पूर्ण निष्ठा के साथ करें विश्वविद्यालय द्वारा उनके हित में निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम बैच हैं भाग्यशाली रहेगा। जिसको महज 15 दिन कोर्स वर्क करना पड़ा ,अब आगे नियम बदल रहे है। कार्यक्रम के प्रारंभ में शोध निदेशक प्रो. शिवदयाल सिंह ने कोर्स की जानकारी देते हुए बताया कि शोध पात्रता परीक्षा 2022 में पात्र विभिन्न संकाय के 288 शोधार्थियों ने कोर्स में अपनी भागीदारी निभाई है। विज्ञान संकाय के समन्वयक प्रो.आशीष भटनागर के नेतृत्व में 131 प्रो. शिवप्रसाद सिंह समन्वयक वाणिज्य एवं प्रबंध संकाय के नेतृत्व में 91 में तथा प्रो. ऋतु माथुर समन्वयक ललित कला व शिक्षा संकाय के नेतृत्व में 66 विद्यार्थियों ने कोर्स वर्क में भाग लिया है । उन्होंने बताया कि अब तक पूर्व में कोर्स वर्क संकाय बार होता था ,लेकिन पहली बार सभी संकाय का एक साथ यह कार्य पूर्ण किया गया है। उन्होंने कहा कि शोधार्थी का शोध कार्य भविष्य में शिक्षा क्षेत्र में उपयोगी साबित होता है। इस मौके पर शोधार्थियों ने 15 दिवस के इस शोध कार्य में प्राप्त अपने अनुभवों को भी साझा किया। 15 दिवसीय कोर्स वर्क के लिए रिसोर्स पर्सन प्रो एस एन अंबेडकर, प्रो उमाशंकर केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान , प्रो सी एस बारला राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर ,प्रो के गोयल जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर ,एमएस राठौर सीईडीएस जयपुर ,डॉ के एम, डॉ दत्ता ,डॉ तरुण कुमार प्रो जी एस शेखावत ,प्रो सी आर विश्नोई, प्रो नीरज भार्गव, डॉक्टर दीपिका उपाध्याय डॉ आशीष पारीक डॉ अश्वनी तिवारी,प्रो टी के माथुर ,डॉ अभिनव कमल रैना ,डॉ प्रमोद सिंह राठौड़ ने शोधार्थियों को अध्ययन करवाया l कार्यक्रम का संचालन प्रो. आशीष भटनागर ने किया । कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तत्पश्चात कुलगीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई ।विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षक अपूर्वा यादव ने आभार व्यक्त करते हुए शोधार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की है।