लेबनान पर बढ़ी बयानबाजी, ईरान ने राष्ट्रपति औन को दी ‘असल दुश्मन’ पहचानने की सलाह
तेहरान। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और लेबनान के शीर्ष नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए उन्हें "असल दुश्मन" की पहचान करने की सलाह दी है।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब राष्ट्रपति औन ने एक साक्षात्कार में आरोप लगाया कि ईरान लेबनान को अपने क्षेत्रीय और कूटनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि लेबनान एक स्वतंत्र देश है और उसे किसी भी प्रकार की राजनीतिक सौदेबाजी का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
औन की टिप्पणी के जवाब में अराघची ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उनके बयान से ऐसा प्रतीत होता है मानो लेबनान के बड़े हिस्से पर ईरान ने कब्जा कर रखा हो और वहां लगातार हमले कर रहा हो। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि वे अपने देश के वास्तविक विरोधियों पर ध्यान केंद्रित करें।
राष्ट्रपति औन ने अपने बयान में Hezbollah का भी जिक्र किया और कहा कि मौजूदा संघर्ष का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। उन्होंने सभी पक्षों से हिंसा के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की।
इस बीच दक्षिणी लेबनान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार हालिया हमलों में लेबनानी सेना को भी नुकसान उठाना पड़ा है। एक हमले में सेना के एक अधिकारी समेत कई सैनिकों की मौत की सूचना सामने आई है। लेबनानी सेना अब तक खुद को संघर्ष से अलग रखने की कोशिश करती रही है।
क्षेत्र में हिंसा का सिलसिला पिछले कुछ महीनों से जारी है। Israel और हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ते टकराव ने दक्षिणी लेबनान को सबसे अधिक प्रभावित किया है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, संघर्ष में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में नागरिकों को विस्थापन का सामना करना पड़ा है।
हालांकि युद्धविराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास हुए हैं, लेकिन जमीनी हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। हालिया हमलों में आम नागरिकों, राहतकर्मियों और स्थानीय प्रशासन से जुड़े लोगों के हताहत होने की खबरों ने मानवीय संकट को और गंभीर बना दिया है।