रीको के सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
सेवानिवृत कार्मिकों ने राजकीय अंशदान पर 12 प्रतिशत ब्याज हटाने की रखी मांग
जयपुर. राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम (रीको) के सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर स्वायत्तशासी संस्थाओं के 8 वर्ष से अधिक के सेवानिवृत्त कार्मिकों को राजकीय अंशदान पर 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज के भुगतान की शर्त हटाने की मांग रखी है। संघ के कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष, श्री जी एस शेखावत का कहना है कि सेवानिवृति के पश्चात् कार्मिक सीपीएफ के राजकीय अंशदान एवं स्वयं के अंशदान को विभिन्न बचत योजना में निवेश कर उससे प्राप्त आय से ही अपनी जीविका चलाता है और अन्य सामाजिक कर्तव्यों को पूरा करता है। इसके लिए सीपीएफ के राजकीय अंशदान एवं स्वयं के अंशदान के अतिरिक्त राशि का भुगतान करने के लिये कार्मिकों को ऊंची ब्याज दर पर बाजार से ही ऋण लेना होगा। इसलिए कार्मिकों के लिए यह राशि जमा कराना संभव नहीं हो सकेगा। महासचिव श्री कृष्ण गोपाल सीपरिया ने बताया कि रीको ने वर्ष 1991 में भी पेंशन स्कीम लागू की थी लेकिन किन्हीं कारणों से कुछ समय बाद ही इस पर रोक लगादी गई थी। रीको के कर्मचारियों की मांग पर कुछ समय पश्चात् रीको ने पुनः पेंशन हेतु पेंशन फण्ड बनाया था, लेकिन सरकार की पूर्ण सहमति के अभाव में लम्बित रहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ स्वायत्तशासी संस्थाओं ने पेंशन फण्ड बना लिया है, जिससे फण्ड में बहुत बड़ी धनराशि देकर, कर्मचारियों को राहत प्रदान की जा रही है। इसी प्रकार रीको से पेंशन फण्ड में बड़ी धनराशि प्राप्त की जा सकती है, जिससे हम कर्मचारियों को भी अतिरिक्त भार से राहत मिल सकेगी।