बधिर बच्चों का रोटरी पद्मिनी ने करवाया कॉकलियर इम्प्लांट
कोटा। पांच वर्ष के कम आयु के ऐसे बच्चे जिन्हे कम सुनाई देता है या जन्म से बिल्कुल नहीं सुनाई देता है। ऐसे बच्चों का कॉकलियर इम्प्लांट रोटरी पद्मिनी के सहयोग से किया जाता है। क्लब अध्यक्ष सुषमा बंसल ने बताया कि क्लब डॉ. विक्रांत माथुर व प्रियंका माथुर के सहयोग यह कार्य पूरा होता है। गुरुवार को ऐसे ही 26 बच्चो के साथ क्लब सदस्यों ने स्वतंत्रता दिवस मनाया और कई खेल आयोजन किए। बच्चों ने जब आवाज सुनकर अपनी प्रतिक्रिया दी तो उनके परिजन व बच्चो की चेहरे पर प्रसन्नता अपार थी।
7 लाख है एक इम्प्लांट का खर्च
डॉ. प्रियंका माथुर ने बताया कि एक बच्चे का कॉकलियर इम्प्लांट करवाने का खर्च सर्जरी व उपकरण सहित 7 लाख रुपये का होता है। ऐसे में रोटरी पद्मिनी व केन्द्र सरकार कि मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड वेलफेयर के सहयोग से इन बच्चों का इम्पलांट किया जाता है और उसके उपरान्त 3 वर्षों तक इन बच्चो को निशुल्क थेरेपी दी जाती है।
स्वतंत्रता दिवस व खेल कूद
रश्मि दाधीच ने बताया कि जिन बच्चों का इम्प्लांट हो चुका और थेरेपी प्रारंभ है ऐसे 26 बच्चों के बीच डॉ.विक्रांत माथुर व प्रियंका माथुर ने खेलकूद व स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम क्लब सदस्यों के साथ मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवंत सिंह हिंगड़ पुलिस व विशिष्ट अतिथि डॉ. नीता जिंदल रही। भगवंत सिंह हिंगड़ ने बच्चों के इलाज पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्लब का साधुवाद दिया। इस अवसर पर बच्चो के लिए लेमन रेस, फ्रॉग रेस, कॉपी बैलेंस की रेस आयोजित हुई। इसी अवसर पर बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर एकल एवं सामूहिक नृत्य व देशभक्ति का कविता पाठ किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने बच्चों को पुरस्कृत किया। क्लब सदस्य नीता गौड़ व रेनू दीप चन्दानी ने बच्चों को उपहार दिए।
क्या होता है कॉकलियर इंप्लांट
कार्यक्रम में डॉ.विक्रांत माथुर ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवंत सिंह हिंगड़ पुलिस व विशिष्ट अतिथि डॉ. नीता सहित उपस्थित लोगो को बताया कि कॉक्लियर इंप्लांट एक छोटा,जटिल इलेक्ट्रोनिक मेडिकल उपकरण है जो कान से कम सुनाई व जन्मजात न सुनाई देने से पीड़ित लोगों की मदद करता है। यह लोगों को बहरापन या सेंसरीन्यूरल बहरापन की स्थिति में आवाज़ को सुनने में मदद करता है। कॉकलियर इंप्लांट में एक बाहरी भाग होता है जो कान के पीछे लगता है और दूसरा भाग सर्जरी के द्वारा भीतरी या आंतरिक कान में बिठाया जाता है। इसमें एक इम्पलांट की लागत लगभग 7 लाख रुपये आती है। अभी तक क्लब 170 बच्चों के इम्पलांट कर चुका है।