बुजुर्ग के खाते से बिना ओटीपी निकाले 10 लाख रुपये, एफआईआर
शिमला। साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और इसका शिकार बुजुर्ग नागरिक भी हो रहे हैं। ताजा मामला शिमला जिले से सामने आया है, जहां एक 69 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से अस्पताल में इलाज के दौरान लगभग दस लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि न तो उन्होंने किसी को ओटीपी, पिन या पासवर्ड बताया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया, इसके बावजूद उनके खाते से बड़ी रकम गायब हो गई।
ठगी का शिकार हुए सुन्नी के मूल निवासी 69 वर्षीय बुजुर्ग वर्तमान में उपनगर संजौली में रह रहे हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका एक राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता है। 3 जनवरी को वह अस्पताल में थे और इसी दौरान उनके बैंक के खाते से दो बार में पैसे निकाल लिए गए। पहली बार पांच रुपये और दूसरी बार 4.99 रुपये की निकासी की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार जब वह अस्पताल में इलाज करवा रहे थे, उस समय उन्होंने किसी तरह का कोई ऑनलाइन लेन-देन नहीं किया। न ही उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक से जुड़ी कोई जानकारी साझा की। बाद में उनके पास एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल भी आई, लेकिन उस कॉल से पहले ही खाते से पैसे निकल चुके थे। जब उन्हें बैंक खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली तो वे हैरान रह गए।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने तुरंत अपने बैंक से संपर्क किया और मामले की जानकारी ली, लेकिन तब तक रकम निकल चुकी थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना की शिकायत दर्ज करवाई।
इस संबंध में पुलिस थाना छोटा शिमला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा हो सकता है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसे किस तरीके से निकाले गए और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।