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भगवा लहर ने किया ममता का किला ध्वस्त

भगवा लहर ने किया ममता का किला ध्वस्त

-बाल मुकुन्द ओझा
बंगाल में भाजपा के प्रेरणा पुरुष और जनसंघ के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी का सपना साकार करते हुए भाजपा ने पहली बार इस प्रदेश में भगवा लहराने में सफलता हासिल कर ली है। वहीं मोदी और शाह की जोड़ी यहाँ पिछले 15 वर्षों से काबिज ममता बनर्जी की सत्ता को उखाड़ फेंकने में कामयाब हो गई है। अब तक के रुझान को देखकर भाजपा 200 सीटें जीतने के करीब है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 सीटों तक सिमटने जा रही है। बंगाल में पिछले विभिन्न चुनावों पर नज़र दौड़ाएं तो हर चुनाव में हत्या, मारकाट आम बात थी। यह पहला चुनाव है जिसमें कोई हत्या नहीं हुई। हिंसा पर भी लगाम लगाया गया और भयमुक्त, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की सभी व्यवस्थाएं पुख्ता की गई। यह इसी का परिणाम था की लोगों ने भयमुक्त होकर मोदी और शाह की बात पर विश्वास कर भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त किया।
बंगाल में विधानसभा चुनाव में सर्वे और एग्जिट पोल से भी बहुत आगे जाकर भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज़ कर नया इतिहास रच दिया है। मतदाताओं ने एग्जिट पोल के अनुमानों पर ही अपनी मुहर लगाई है। भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने किले को आखिरकार ढहाने का बड़ा कारनामा कर दिखाया । ममता को सत्ता में रहते हुए 15 साल हो गए थे, ऐसे में टीएमसी सरकार को सत्ता विरोधी लहर का सामना भी करना पड़ा। यहां भाजपा की आंधी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है। यह भी जाहिर हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का जादू जनता के सिर चढ़कर बोल रहा है। चुनाव के दौरान मोदी, शाह और योगी की लक्खी सभाओं के अलावा भाजपा ने छोटी छोटी सभाएं आयोजित कर मतदाताओं विशेषकर महिलाओं से सीधी बात की। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिगेड मैदान पर आयोजित पहली लक्खी जन सभा ने भाजपा की जीत की भविष्यवाणी कर दी थी। बंगाल को साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 रैलियां और तीन रोड शो किए वहीं अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने सौ से अधिक सभाएं, प्रदर्शन कर ममता को घेर लिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी भाजपा की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। संघ के कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर भाजपा के पक्ष में वोट देने की अपील की थी। मुस्लिम संगठनों द्वारा तृणमूल कांग्रेस के साथ लामबंद होने का नुक्सान भी तृणमूल कांग्रेस को उठाना पड़ा। इसकी प्रतिक्रिया में हिन्दू मतदाताओं ने भाजपा की झोली वोटों से भर दी। इस जीत के पीछे बीजेपी की जबरदस्त रणनीति रही है। भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार घुसपैठ सहित कानून-व्यवस्था, टीएमसी सरकार के भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी के मुद्दे को प्रमुख रूप से उठाया। अमित शाह ने चार मई दीदी गई का नारा बुलंद किया जिस पर लोगों ने विश्वास किया साथ ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की 'गुंडागर्दी' पर लगाम कसने और उन्हें 'उल्टा लटकाकर सीधा करने' की भी बात पर लोगों ने पूरी तरह विश्वास कर भाजपा को विजयश्री दिला दी। भाजपा ने ममता बनर्जी की छवि के सामने ब्रांड मोदी को खड़ा कर दिया जो भाजपा के लिए तुरुप का पत्ता साबित हुआ। SIR का फायदा भी भाजपा को मिला। इस दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बंगाल में भाजपा की जीत को लेकर बड़ा बयान दिया था। इस बहुचर्चित वीडियो में मोदी यह कहते नजर आ रहे हैं, 'गंगा जी यहां बिहार से बहते हुए ही बंगाल तक पहुंचती हैं। बिहार ने बंगाल में भाजपा की विजय का रास्ता भी बना दिया है। इसी के साथ वर्षों बंगाल की सत्ता पर काबिज रहने वाली कांग्रेस और कम्युनिष्टों का एक बार फिर सूपड़ा साफ़ हो गया है। भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में कड़ी मेहनत के साथ अपना जनाधार बढ़ाया। राज्य में 2016 के चुनाव में पार्टी ने 10 प्रतिशत वोट पाए थे, 2021 के चुनाव मे उनके वोट बढ़कर 38 प्रतिशत हो गए वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में 77 सीटें जीती थीं। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 39 प्रतिशत वोट हासिल किए थे।
पांच राज्यों के वोटों की काउंटिंग में जो रुझान अब तक सामने आए हैं, उसमें भाजपा ने पश्चिम बंगाल और असम में बड़ी बढ़त हासिल की है। वहीं केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को बढ़त मिली है। तमिलनाडु में एग्जिट पोल के सर्वे को नकारते हुए मतदाताओं ने डीएमके को सत्ताच्युत करने का फैसला किया। यहाँ सुपर स्टार विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उबरी है। पुडुचेरी में भी भाजपा सरकार बना रही है।

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