आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय में मनाई गई संत तुलसीदास की जयंती
कुचेरा. जैन विश्व भारतीय संस्थान के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय में प्राचार्य प्रोफेसर आनंदप्रकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में भक्ति कालीन सगुण भक्त एवं रामचरितमानस जैसे कालजयी ग्रन्थ के रचीयता कवि संत श्री तुलसीदास जी की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय वक्तव्य के दौरान प्रोफेसर त्रिपाठी ने बताया कि विक्रम संवत 1568 काशगंज, उत्तर प्रदेश में जन्मे तुलसीदास का जीवन रामभक्ति काव्यधारा से प्रेरणा लेकर सदैव आदर्शोन्मुख रहा। तुलसी के जन्म से लेकर उनके कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए प्रोफेसर त्रिपाठी ने रामचरितमानस, कवितावली गीतावली, दोहावली, विनय पत्रिका, वैराग्य संदीपनी, पार्वती मंगल, जानकी मंगल, रामल्ला नेहछू, रामाज्ञा प्रश्नावली, कृष्ण गीतावली एवं बरवे रामायण आदि गन्थों की भाषा एवं उनके महत्व पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर त्रिपाठी ने तुलसीदास की समन्वय भावना की प्रशंसा करते हुए उसे भक्ति एवं वैराग्य का अद्भुत समन्वय बताया वहीं राम के मर्यादित जीवन आदर्शो को सच्चे अर्थों में अभिव्यक्ति देने हेतु समूची मानव जाति को तुलसीदास जी की लेखनी का ऋणी बताया। उन्होंने भक्तिकाल को हिंदी साहित्य जगत में स्वर्णिम काल की संज्ञा से नवाज़े जाने के पीछे भक्तिकालीन तुलसी साहित्य का बड़ा योग मानते हुए भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को चिरस्थाई बनाए रखने हेतु महाकवि तुलसीदास के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम संचालन हिंदी व्याख्याता अभिषेक चारण द्वारा किया गया इस दौरान समस्त महाविद्यालय छात्रों के साथ संकाय सदस्यों के रूप में प्रो. रेखा तिवाड़ी, डॉ. प्रगति भटनागर, सुश्री श्वेता खटेड़, प्रेयस सोनी, मधुकर दाधीच, अनूप कुमार देशना चरण एवं घासीलाल शर्मा आदि मौजूद रहे ।