सैयामी खेर का खुलासा, इंडस्ट्री में एंट्री के लिए मिली चौंकाने वाली सलाह
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री सैयामी खेर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर को याद किया और उन मुश्किल अनुभवों के बारे में खुलकर बात की, जिनसे उन्हें इंडस्ट्री में कदम रखने के दौरान गुजरना पड़ा। सैयामी के मुताबिक, फिल्मों की दुनिया उनके लिए बिल्कुल नई थी और शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आता था कि इस क्षेत्र में अपनी जगह कैसे बनाई जाए।
सैयामी ने बताया कि जब वह करीब 20 साल की उम्र में पहली बार फिल्म सेट पर पहुंची थीं, तब वह नासिक से आई एक शांत और इंट्रोवर्ट लड़की थीं। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि उन्हें खुद को साबित करने का मौका मिलने से पहले ही कुछ लोगों ने उनके बारे में राय बना ली थी।
अभिनेत्री के मुताबिक, उन्हें यहां तक सुनना पड़ा कि वह 'गांव की लड़की' जैसी दिखती हैं और उनमें अभिनेत्री बनने की क्षमता नहीं है। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। सैयामी ने बताया कि उन्हें करियर आगे बढ़ाने के नाम पर ऐसी सलाह भी दी गई, जो उनके लिए काफी हैरान करने वाली थी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें किसी एक्टर या डायरेक्टर को डेट करने की सलाह दी थी। उन्हें बताया गया कि ऐसा करने से इंडस्ट्री में एंट्री आसान हो सकती है। इसके अलावा सैयामी को कॉस्मेटिक सर्जरी कराने और लिप जॉब करवाने जैसे सुझाव भी मिले।
माता-पिता के आत्मविश्वास ने संभाला
सैयामी का कहना है कि इस तरह की बातों से वह आसानी से टूट नहीं गईं। उनकी परवरिश और माता-पिता से मिले आत्मविश्वास ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में खुद पर भरोसा बनाए रखने में मदद की। वह मानती हैं कि कई बार ऐसी बातें सुनकर उन्हें गुस्सा आने के बजाय हंसी आती थी।
उन्होंने यह भी बताया कि एक तरफ उन्हें लगातार मुफ्त की सलाह मिल रही थी, तो दूसरी तरफ लगभग हर दिन रिजेक्शन का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे दौर में उन्हें एक ऐसे मौके का इंतजार था, जहां वह अपनी क्षमता साबित कर सकें।
सैयामी के करियर में अहम मोड़ तब आया, जब उन्हें अदूर मुखर्जी का फोन आया। उन्होंने बताया कि दिलीप शंकर उनका टेस्ट लेंगे। इसके बाद उन्होंने दिलीप शंकर और अभिनेता आदिल हुसैन के साथ करीब तीन महीने तक वर्कशॉप की।
'मिर्ज्या' से बदली करियर की दिशा
सैयामी के मुताबिक, ये तीन महीने उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे। वर्कशॉप के दौरान उन्होंने खुद के प्रति ईमानदार रहना, अभिनय में सच्चाई बनाए रखना और अपनी पहचान पर भरोसा करना सीखा। इस अनुभव के करीब छह महीने बाद उन्हें राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'मिर्ज्या' के लिए चुना गया।
साल 2016 में रिलीज हुई 'मिर्ज्या' से सैयामी खेर ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म में वह हर्षवर्धन कपूर के साथ नजर आई थीं। इस फिल्म ने उनके लिए हिंदी सिनेमा में पहला बड़ा दरवाजा खोला।
राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ काम करने के अनुभव को सैयामी अपने करियर के सबसे खास पड़ावों में गिनती हैं। उन्होंने बताया कि राकेश उनके लिए उस समय बिल्कुल सही इंसान साबित हुए, जिसकी उन्हें जरूरत थी। उन्होंने सैयामी को एक कलाकार के तौर पर खुलकर अपनी बात और भावनाएं व्यक्त करने की आजादी दी।
सैयामी के अनुसार, राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने उन्हें अभिनय से प्यार करना सिखाया और एक कलाकार के तौर पर उन पर भरोसा जताया। अभिनेत्री ने उनके साथ अपने रिश्ते को बेहद आत्मीय बताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें अपने बच्चे की तरह प्यार दिया।
आज इंडस्ट्री में एक दशक पूरा करने के बाद सैयामी खेर का सफर इस बात की मिसाल है कि शुरुआती रिजेक्शन और बाहरी दबाव के बावजूद अपने काम और पहचान पर भरोसा बनाए रखना कितना जरूरी है।