अमर बलिदान को नमन : शहीद निर्भय सिंह सिसोदिया की पुण्यतिथि पर उमड़ा सम्मान
झालावाड़। वीरों की धरती झालावाड़ ने शनिवार को अपने अमर सपूत और अशोक चक्र विजेता Nirbhay Singh Sisodiya को उनकी 42वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शहर स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित समारोह में देशभक्ति, सम्मान और गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला।
ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान 6 जून 1984 को सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद नायक निर्भय सिंह सिसोदिया की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सपूत को नमन किया गया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब Naga Regiment ने सैन्य परंपराओं के अनुरूप गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को सलामी दी। बैंड की धुनों के बीच पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया और उपस्थित लोगों ने वीर जवान के बलिदान को याद किया।
सभा को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर Ajay Singh Rathore ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पित संकल्प है। उन्होंने शहीद निर्भय सिंह सिसोदिया को जिले की गौरवशाली विरासत बताते हुए कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
जिला पुलिस अधीक्षक Amit Kumar ने भी शहीदों और उनके परिवारों के त्याग को नमन किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों के साथ-साथ उनके परिजन भी राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो अपने प्रियजनों को देश की रक्षा के लिए समर्पित कर देते हैं।
समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने शहीद के साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को युवाओं के लिए आदर्श बताया तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी विशेष बना दिया। देशभक्ति गीतों और स्वरांजलि ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। कलाकारों और बच्चों की प्रस्तुतियों ने शहीदों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
शहीद नायक निर्भय सिंह सिसोदिया के परिवारजनों के नेतृत्व में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में नागरिक, एनसीसी कैडेट्स, पूर्व सैनिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में राष्ट्र के इस अमर सपूत को नमन करते हुए उनके बलिदान को सदैव याद रखने का संकल्प लिया।