संवत 2079 भव्य आतिशबाजी के साथ होगा विदा
10 हजार शुभकामना संदेश पत्र देकर नागरिकों को देंगे नव संवत्सर की शुभकामनाएं
राजसमंद. अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति एवं आलोक संस्थान राजसमंद के तत्वाधान में नव संवत्सर के चतुर्थ दिवसीय मुख्य कार्यक्रम एवं सर्व समाज, संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित होने वाले नव सम्वत्सर महोत्सव के कार्यक्रमों की घोषणा आज यहाँ आलोक स्कूल राजसमंद में चार दिवसीय कार्यक्रम के बैनर का अनावरण करके की। नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव व आलोक संस्थान निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत, संस्थान के प्रशासक महोदय मनोज कुमावत, प्राचार्य ललित गोस्वामी, एकेडमिक काउंसलर ध्रुव कुमावत व समस्त अध्यापक अध्यापिकाएँ उपस्थित रहे। नववर्ष समारोह के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत बताया कि 42 वर्ष पूर्व संस्थापक श्यामलाल कुमावत के द्वारा शुरू किया गया नव संवत्सर का आयोजन पूरे देश में स्थापित हो चुका है तथा पिछले 39 वर्षाें से किये जा रहे प्रयासों से अखिल भारतीय स्वरूप दिखने लगा है। देश के करीब 77 प्रांतीय समन्वयकों तथा 233 केंद्रों पर छोटे-मोटे स्तर पर कोई न कोई कार्यक्रम हो रहा है। विदेशों में भी जहाँ-जहाँ भारतीय है वहाँ भी नव संवत्सर के आयोजन भव्य रूप से होते है। इन सब का केंद्र बिंदु यदि कोई है तो उदयपुर व राजसमंद शहर का नव संवत्सर का आयोजन है।19 मार्च विद्यालय परिवार के सभी सदस्य पीले चावल के साथ द्वार-द्वार जाकर नवसंवत्सर कार्यक्रम के लिये आमंत्रण देंगे। आमंत्रण यात्रा टी0वी.एस0 चौराहे से मुखर्जी चौराहे तक जायेगी। इस यात्रा के माध्यम से घर घर जाकर लोगों को नवसंवत्सर कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रण दिया जायेगा। 20 मार्च को प्रातः 09ः05 बजे गणपति, शोडश मातृका, नवग्रहादि, वरुण, कलश स्थापन शोडषोपचार पूजन द्वारा आह्वान करके घट स्थापना की जायेगी। 21 मार्च सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देगी आलोक विद्यालय से द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली तक निकलने वाली विक्रमादित्य पवित्र ज्योति कलश चेतना यात्रा देशभक्ति व संस्कृति के ज्वार को उत्पन्न करने वाली विक्रमादित्य पवित्र ज्योति कलश चेतना यात्रा सूरजकुंड धाम श्री श्री 1008 श्री अवधेशानन्द जी महाराज के कर कमलों द्वारा पूजन एवं आह्वान करके आलोक विद्यालय से सायं 04ः30 बजे प्रारंभ होकर द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली सायं 07ः00 बजे पहुँचेगी। इस यात्रा का जगह जगह पर सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भव्य रुप से स्वागत व अभिनंदन किया जायेगा। विक्रमादित्य ज्योति कलश संस्कृति चेतना यात्रा अपने मार्ग में पड़ने वाले सभी स्थानों के लोगों को जोड़ते हुये उन्हें नवसंवत्सर की शुभकामनाओं के साथ-साथ संस्कृति चेतना और वरूण देव पूजन को बढ़ावा देने तथा लोगों में पंचतत्व के प्रति चेतना जगाने की दृष्टि से आलोक विद्यालय से गाजे-बाजे के साथ विक्रमादित्य ज्योति कलश संस्कृति चेतना यात्रा निकलेगी जो द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली पहुँचेगी। द्वारकाधीश मंदिर घाट पर विदा संवत् 2079 का आयोजन कर दीप प्रवाह किया जायेगा और झील पूजन करके गंगा आरती का आयोजन होगा। इसी के साथ भव्य आतिशबाजी करके संवत् 2079 को विदा कर नवसंवत् पिंगल संवत् 2080 का भव्य स्वागत किया जायेगा। 22 मार्च को प्रातःकाल 8 बजे से 10 बजे तक नाथद्वारा, राजसमंद व केलवा के विभिन्न चौराहों पर आलोक संस्थान के छात्र-छात्राएँ ध्यानवेश पहनकर सम्पूर्ण शहरवासियों को नवसम्वत्सर की शुभकामनाएं नीम, मिश्री व काली मिर्च खिलाकर नवसम्वत्सर की शुभकामनाएँ देंगे। साथ ही ईको फ्रेण्डली हल्दी-चंदन युक्त तिलक लगाकर लोगों को नव सम्वत्सर पर पर्यावरण रक्षा का संदेश भी इस माध्यम से देंगे, वहीं नव सम्वत्सर की शुभकामनाओं के संदेश पत्रक वितरित किए जाएँगे तथा प्रत्येक परिवारजनों से यह निवेदन किया जाएगा कि इस अवसर पर वे सभी अपने-अपने घरों में पाँच दीपक अवश्य जलाएँ यह संदेश भी इस कार्यक्रम के माध्यम से दिया जाएगा।