सरदार पटेल ने 1,218 दिन में जोड़ा अखंड भारत : अमित शाह
नई दिल्ली। देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को याद करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद भारत को एकजुट रखना दुनिया के सामने बड़ी चुनौती थी। उस समय कई राजनीतिक विशेषज्ञों को लगता था कि भारत ज्यादा समय तक एक देश के रूप में नहीं टिक पाएगा, लेकिन सरदार पटेल ने केवल 1,218 दिनों में वह कर दिखाया, जिसे असंभव माना जा रहा था।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित 'एकता दौड़' को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। उनका व्यक्तित्व आज भी देश के युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
गृह मंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में सरदार पटेल का योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अलग-अलग रियासतों को एकजुट कर भारत को भौगोलिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाया। आज दुनिया के सामने भारत जिस अखंड स्वरूप में खड़ा है, उसके पीछे सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति रही है।
विविधता को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत
अमित शाह ने कहा कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है। सरदार पटेल भी इसी विचार के समर्थक थे कि अलग-अलग पहचान और परंपराओं के बावजूद देश को एक सूत्र में बांधकर रखा जाए।
उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कल्पना में भी सरदार पटेल की भूमिका का उल्लेख किया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियान देश को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।
नशामुक्त भारत बनाने का रखा लक्ष्य
राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर गृह मंत्री ने देशवासियों से नशे के खिलाफ अभियान में भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विकसित भारत के निर्माण की दिशा में नशामुक्त समाज को पहला महत्वपूर्ण चरण बताते हुए उन्होंने युवाओं से इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया।
शाह ने अपने संबोधन में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश ने नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है और अब नशे के खिलाफ लड़ाई को भी जनआंदोलन बनाने की जरूरत है।
धारा 370 से लेकर एक देश, एक कर प्रणाली तक का किया जिक्र
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुए कई बड़े फैसलों का उल्लेख किया। इनमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ना, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और एक देश, एक कर प्रणाली लागू करना शामिल रहा।
उन्होंने कहा कि इन फैसलों ने देश की एकता, प्रशासनिक व्यवस्था और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी किया उल्लेख
गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल को लंबे समय तक वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने सरदार पटेल के योगदान को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।
शाह के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए सरदार पटेल की स्मृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण की पहल की। आज यह प्रतिमा देश के सामने उनके विशाल व्यक्तित्व और योगदान का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर की पुलिस बलों की परेड की सलामी लेंगे और शाम 4:30 बजे राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में एकता दौड़ का आयोजन भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम के समापन पर अमित शाह ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।