सवाई माधोपुर: जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित
सवाई माधोपुर। जिला स्तरीय बैंकिंग समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की संयुक्त बैठक सोमवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया सहित विभिन्न बैंक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने सभी बैंकों के जिला समन्वयकों से प्रधानमंत्री जन-धन योजना, मुद्रा योजना, स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना, पीएमईजीपी, एनयूएलएम, एनआरएलएम, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, एससी/एसटी पीओपी, बीआरयूपीवाई एवं स्वयं सहायता समूहों के वित्तीय पोषण सहित विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। जिला कलक्टर ने कहा कि बैंक कर्मी ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाते हुए किसानों, पशुपालकों एवं युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करें, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने वार्षिक साख योजना, कुल जमा एवं अग्रिम राशि तथा ऋण-जमा अनुपात की स्थिति की भी समीक्षा की।बैठक में स्वयं सहायता समूहों के गठन, बचत खातों की स्थिति, ऋण आवेदन पत्रों की संख्या एवं स्वीकृति की प्रगति की भी विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि सभी बैंक लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करें एवं छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वालों को प्राथमिकता से ऋण उपलब्ध कराएं, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि जिले में साइबर अपराध की प्रभावी रोकथाम के लिए बैंकों को विशेष महत्व है। उन्होंने जिले में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए बैंकों के सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि बैंक तकनीकी उपायों जैसे ट्रांसजेक्शन मॉनिटरिंग, एडवांस सिक्योरिटी, ग्राहक जागरूकता एवं पुलिस के साथ समन्वय को मजबूत कर साइबर धोखाधडी (फ्रोड़) के मामलों को रोकने के लिए समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने के साथ आमजन को सिविल स्कोर की महत्ता से अवगत कराने, बीमा योजनाओं की जानकारी देने तथा फील्ड विजिट कर वित्तीय साक्षरता बढ़ाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि वित्तीय समझ की कमी के कारण अनेक लोग बैंकिंग सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं सभी बैंकर्स इस दिशा में विशेष प्रयास करें। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत सभी बैंकर्स को सभी श्रेणी के कृषकों का अनिवार्य रूप से बीमा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी किसान फसल बीमा से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि विश्रय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 1 जुलाई से 30 सिंतबर तक चलाए जा रहे देशव्यापी सतत् अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर तक बैंकिंग बीमा पेंशन जैसी आवश्यक विश्रय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर पात्र नागरिकों को इन योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक प्रदीप कुमार ने जिले की बैंकिंग योजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए आगामी लक्ष्यों को साझा किया। आरएसईटीआई निदेशक नीरज गोपालिया ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी एवं क्रेडिट लिंक के लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने का आग्रह किया। बैठक में आरबीआई प्रबंधक अनीता शर्मा, उप क्षेत्रीय प्रमुख विकास नारंग, बीआरकेजीबी क्षेत्रीय प्रबंधक कमल सोनी, सहायक अग्रणी जिला प्रबंधक रानू चांदना, उप निदेशक महिला अधिकारिता अमित गुप्ता, डीपीएम राजीविका डॉ. सरोज बैरवा, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र सुग्रीव मीना सहित विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।