सवाई माधोपुर: सेवा शिविरों में ग्रामीणों को मिला अपने घर का कानूनी हक
सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर जिले की पंचायत समिति चौथ का बरवाड़ा की ग्राम पंचायत आदलवाड़ा कलां एवं जौला में शुक्रवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर स्थानीय लोगों के लिए ऐतिहासिक अवसर साबित हुआ। शिविर में वर्षों से अपने ही भूखण्डों पर मकान बनाकर रहने वाले पात्र परिवारों को आखिरकार उनके मकानों पर स्वामित्व का अधिकार मिला। लंबे समय से आवासीय पट्टा न होने के कारण ग्रामीण अनेक सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते थे और आपदा के समय संपत्ति को लेकर असुरक्षा की भावना से जूझते थे। शिविर में प्रशासनिक पारदर्शिता और पंचायत प्रतिनिधियों की देखरेख में कार्यवाही पूरी की गई और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही प्रॉपर्टी पार्सल मय पट्टा सौंपे गए। देवपुरा निवासी रतन मीना ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा “मेरा मकान कई वर्षों से है, लेकिन पट्टा न होने के कारण मुझे हर जगह मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। आज स्वामित्व योजना के तहत पट्टा मिलने से अब घर का असली मालिकाना हक मिल गया है। मैं राज्य सरकार और प्रशासन का हृदय से आभारी हूँ।” “स्वामित्व योजना से मिला अपने घर का हक, शांति राम के चेहरे पर लौटी मुस्कान” :- इसी प्रकार ग्राम पंचायत जौला में आयोजित शिविर ने गाँव के लोगों के जीवन में नई उम्मीदें और आत्मविश्वास का संचार किया। गाँव के निवासी शांति राम मीना वर्षों से अपने ही आवासीय मकान का मालिकाना हक साबित करने के लिए परेशान थे। मकान का पट्टा न होने से उन्हें कई सामाजिक और व्यक्तिगत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। परिवार के लिए सिर पर छत होते हुए भी अधिकार पत्र न होने के कारण भविष्य हमेशा असुरक्षित प्रतीत होता था। शिविर के दौरान पंचायती राज विभाग द्वारा प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत जब शांति राम को उनके घर का आधिकारिक दस्तावेज सौंपा गया, तो उनकी आँखों में खुशी और संतोष के आँसू छलक उठे। पट्टा मिलने के बाद शांति राम ने भावुक होकर कहा “अब मुझे अपने ही घर में सुरक्षित महसूस हो रहा है। यह दस्तावेज मेरे परिवार के भविष्य की गारंटी है। मैं राज्य सरकार और प्रशासन का दिल से आभारी हूँ।” इस पहल ने न केवल शांति राम को उनका हक लौटाया बल्कि पूरे गाँव में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया। ग्राम पंचायत झोपड़ा में आयोजित शिविर में उपखण्ड अधिकारी दामोदर सिंह द्वारा स्वामित्व योजना के तहत पट्टा मिलने पर ग्राम नाहरी खुर्द निवासी लाभार्थी हरिनारायण ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “आज पट्टा मिलने के बाद हमारा भविष्य सुरक्षित महसूस हो रहा है। अब हम बैंक से ऋण लेकर पक्का घर बना सकेंगे और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ प्राप्त कर पाएंगे। यह शिविर हमारे लिए जीवन बदलने वाला अवसर है।” अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, विकास अधिकारी इन्द्राज मीना एवं ग्राम पंचायतों के प्रशासकों की मौजूदगी में जब लाभार्थियों को उनके घर के कानूनी दस्तावेज मिले, तो पूरे गाँव में उत्साह और विश्वास का माहौल बन गया। ग्रामीण सेवा शिविर-2025 ने यह साबित किया कि सरकार का हर प्रयास अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचकर ही सफल होता है।