सेबी ने म्यूचुअल फंड नियमों में किया संशोधन
नयी दिल्ली । बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन कर निवेश के नये उत्पाद पेश किये हैं। इसके तहत उच्च जोखिम लेने में सक्षम निवेशकों के लिए विशेषीकृत निवेश कोष के साथ सूचकांक और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत उदारीकृत ‘म्यूचुअल फंड लाइट’ रूपरेखा पेश की गयी है। विशेषीकृत निवेश कोष (एसआईएफ) म्यूचुअल फंड को आधुनिक निवेश रणनीतियों को शुरू करने की अनुमति देते हैं। यह सतत रूप से खुली योजनाओं (ओपन इंडेड स्कीम), निश्चित अवधि की योजना (क्लोज इंडेड स्कीम) आदि के लिए होंगी। इससे देश में निवेश परिदृश्य व्यापक होने और उसमें विविधता आने की उम्मीद है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि संबंधित संपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) में नए उत्पाद की सभी निवेश रणनीतियों में प्रति निवेशक न्यूनतम 10 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। इसमें मान्यता प्राप्त निवेशक शामिल नहीं हैं। सेबी ने इन कोषों के लिए अलग ब्रांडिंग, पारदर्शिता और निवेशक सुरक्षा पर जोर दिया है। नए उत्पाद का उद्देश्य म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं के बीच अंतर को पाटना है। इसके अलावा, इसका उद्देश्य गैर-पंजीकृत और अनधिकृत निवेश योजनाओं के प्रसार को कम करना है।