श्री जलंधरनाथ मन्दिर माफी की बेशकीमती जमीनों को षड्यंत्र पूर्वक बेचने का सनसनीखेज खुलासे आने लगे सामने
निवाई कस्बे के खण्डदेवत रोड श्री जलंधरनाथ मंदिर माफी की 197.13 बीघा खातेदारी जमीन रक्षक ही भक्षक बन कर बेच रहे हैं, लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जबकि वर्ष 2007 में आसबुद्धि पावचेला आसचन्द्रमा पाव ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिसे माननीय न्यायालय द्वारा गठित ट्रस्ट की अपील आसचन्द्रमा पाव के सगे पुत्र मदनलाल ने अपील संख्या 4/2008 न्यायालय आयुक्त देवस्थान विभाग उदयपुर में की। जिसे 29 जनवरी 2008 को मान्य अपीलीय न्यायालय ने मान्य न्यायालय को निर्देश दिए कि अधीनस्थ न्यायालय का निर्णय अपास्त किया जाता हैं। अधीनस्थ न्यायालय नए सिरे से पक्षकारों को सुनकर प्रन्यास के गठन का आदेश पारित करें। इस प्रकार प्रकरण पुन: सुनवाई हेतु मान्य न्यायालय ने प्रकरण संख्या 11/टोंक/2010 दर्ज करके सुनवाई की जा रही हैं। जिसमें आगामी तारीख पेशी 6 जनवरी 2023 हैं। फिर भी कुछ मंदिर माफी की बेशकीमती जमीन को लगातार अवैध रूप से बेंच कर लगभग 20 करोड़ रुपए की अवैध जमीन बेच कर अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं।
उपखंड प्रशासन मौन क्यो ?
निवाई खणदेवत रोड पर स्थित नाथ संप्रदाय के संत जलंधरनाथ मंदिर के माफी की 197 बीघा 13 बिस्वा खातेदारी जमीन रिकार्ड में दर्ज है। जिसका कोई भी ट्रस्ट नहीं बना हुआ है। उक्त भूमि को भू-माफिया सस्ते दामों में बेचकर चांदीकूट रहे हैं।
न्यायालय के आदेशों की अनदेखी (बोक्स)
उक्त भूमि पर अवैध कॉलोनिया काट रहे हैं। जिस पर आयुक्त देव स्थान अजमेर द्वारा उक्त भूमि को विक्रय नहीं करने के लिए आसबुद्धि पाव चेला आसचन्द्रमा पाव निवासी निवाई एवं मदनलाल योगी पुत्र आसचन्द्रमा पाव को निर्देशित किया गया हैं। उसके बाद भी भू माफिया करीब 20 करोड रुपए की जमीन को बेचकर कॉलोनियां काट रहे हैं एवं उक्त भूमि पर फार्म हाउस, दुकानों एवं मकानों का निर्माण करवा रहे है।
एडवोकेट सीताराम शर्मा डांगरथल ने बताया कि उक्त भू-माफियाओं के खिलाफ अभी तक उपखंड प्रशासन, तहसील प्रशासन एवं नगर पालिका प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे भू-माफिया के हौसले बुलंद है।
दिया तले अंधेरा
सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग अजमेर गिरीश कुमार बचानी ने आसबुद्धि पाव चेला आसचन्द्रमा पाव निवासी निवाई एवं मदनलाल योगी पुत्र आसचन्द्रमा पाव को श्री जलंधरनाथ सेवा प्रन्यास निवाई की सम्पदा के बेचान/किराए पर नही करने के लिए निर्देशित कर रखा है। उन्होंने बताया कि मंदिर श्री जलंधरनाथ सेवा प्रन्यास की पत्रावली में उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार कुल 77 खसरों की 197 बीघा 13 बिस्वा जमीन ढाणी जुगलपुरा तहसील निवाई जिला-टोंक में मंदिर श्री जलंधर नाथ सेवा प्रन्यास के नाम दर्ज है। मंदिर श्री जलंधर नाथ सेवा प्रन्यास की सम्पदा को दीर्घकालीन अवधि हेतु लीज पर दिया जा रहा है।
क्या है नियम
उक्त सम्पदा राजस्थान लोक न्यास अधिनियम 1959 के अन्तर्गत पंजीकृत सार्वजनिक प्रन्यास की सम्पदा के रूप में दर्ज है। राजस्थान लोक न्यास अधिनियम 1959 की धारा-31 के प्रावधानों के अनुसार प्रन्यास की किसी भी सम्पदा का बेचान देवस्थान विभाग की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता है।
गोर करने योग्य नियम
अधिनियम की धारा के अनुसार किसी लोक न्यास की कृषि भूमि के मामले में पाँच वर्ष की अवधि से अधिक के लिए तथा गैर-काश्त भूमि या भवन के मामले में तीन वर्ष की अवधि से अधिक के लिए कोई भी पट्टा सहायक आयुक्त की बिना स्वीकृति के मान्य नहीं होता है।
मंदिर माफी की संपत्ति को लेकर प्रन्यास की सम्पदा को न तो कोई बेचान कर सकता है एवं न ही अनिधिनियम में विहित अवधि में कृषि कार्यों हेतु अधिकतम् 5 वर्ष से अधिक के लिए प्रन्यास की सम्पदा को लीज पर दे सकते हैं।
धारा 38 भी देखिए
अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत कार्य करने पर उनके विरूद्ध अधिनियम की धारा-38 के अनुसार कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने बताया कि देवस्थान विभाग अजमेर के सहायक आयुक्त गिरीश कुमार बचानी ने भू-माफियाओ के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर निवाई तहसीलदार एवं उपपंजीयक तहसील निवाई को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्र प्रेषित किया है। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करना पटवारी, गिरदावर ओर तहसीलदार की मिली भगत नही तो ओर क्या दर्शाता है?
खुर्द-बुर्द
मंदिर माफी की संपत्ति खुर्द बुर्द करने को लेकर वर्तमान में दोनों पक्ष आपसी मिलीभगत करके नाबालिग शाश्वत मंदिर मूर्ति की भूमि को किराएनामा के स्वरूप में 99 वर्ष की लीज डीड अंकित करते हुए जमीन को खुर्द बुर्द एवं बेचैन कर रहे हैं।
कूट रचित कार्यवाही
श्री जलन्धरनाथ मंदिर माफी की अब तक करीब 20 बीघा जमीन को ओने पौने दामो पर बेच कर किराएनामे की शक्ल में कूट रचित (षड्यंत्र) करके बेचान कर रहे हैं।
हिन्दू मंदिर माफी की जमीन मुस्लिम समुदाय को दी किराएनामे
श्री जलन्धरनाथ मंदिर माफी की जमीन को सदीक पुत्र मुंशी खां जाति मुसलमान निवासी ललवाडी को खसरा संख्या 833 कस्बा निवाई में से 50 गुणा 50 फीट की भूमि कुल क्षेत्रफल 336.11 वर्गगज भूमि किराएनामे की आड़ लेकर बेच देने से हिन्दू धार्मिक संगठनों में भारी रोष व्याप्त है।
सबूत
स्टाम्प संख्या एएन 131216 रजिस्ट्रेशन नंबर 986 दिनांक 08 सितंबर 2018 जो अस्पष्ट हैं के द्वारा आसबुद्धि पाव चेला आसचन्द्रमा पाव निवासी कस्बा निवाई ने ज़रिए महंत श्री जलन्धरनाथ मंदिर कुंडों के पास निवाई ने दी है। जिसका किराया 2100 रुपए प्रतिफल 1 अक्टूबर 2018 से प्रारम्भ बताया गया है।