बुजुर्गों की सेवा ही भारतीय संस्कृति का प्रकाश स्तंभ है - प्रमोद शर्मा
युगांतर जन कल्याण संस्थान की ओर से लंकापति हनुमान जी के प्रांगण में सुनील सहित आसपास की 8 पंचायतों का वरिष्ठ जन संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण व वंदे मातरम के साथ हुई। अध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने सभी वरिष्ठ जनों के तिलक, अक्षत और माल्यार्पण श्रीफल वह साल भेंट किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमोद शर्मा ने कहा भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों की सेवा को सर्वोपरि माना गया है। दृष्टांत देते हुए कहा कि एक बार बारात में युवा ही चले गए थे तो लड़की वालों ने कहा कि नदी के पानी को दूध की तरह बहाओ, युवा परेशान हुए, वहां पर उपस्थित बुजुर्ग ने उपाय बताया। इसलिए कहा कि वरिष्ठ जनों के अनुभवों से समाज और देश आगे बढेंगा। उन्नति के पर्वत पर भारतीय समाज आगे तब ही बढ़ेगा, जब हम बुजुर्गों का सम्मान करेंगे। बुजुर्गों की सेवा ही भारतीय संस्कृति का प्रकाश स्तंभ है। युगांतर सचिव ललित वैष्णव ने युगांतर संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यकर्मों पर बात रखी। कार्यक्रम को मुकेश श्रृंगी, बद्रेश शर्मा सिरपोई, श्यामलाल मेघवाल ने भी संबोधित किया। धन्यवाद महेंद्र सिंह नरुका ने दिया। संचालन निरंजन शर्मा ने किया। कार्यक्रम में सिद्दीक मंसूरी, पवन सिंह, भैरुलाल सहित उपस्थित रहे।