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शंकरपुरा वासी कीचड से निकलने को मजबूर

शंकरपुरा वासी कीचड से निकलने को मजबूर

विधायक की अनुशंसा से सडक स्वीकृत, प्रशासन की उपेक्षा के शिकार

अरांई। अरांई उपखण्ड से मात्र चार किलोमीटर दूर शंकरपुरा ग्राम वासी बारिश आते ही कीचड से लतपथ मार्ग से गुजरने काे मजबूर हो जाते है। शंकरपुरा ग्राम वासियों ने लम्बी लडाई के बाद ग्राम में जाने के लिए मार्ग को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करवाया परन्तु उसके बाद भी उन्हे राहत नहीं मिल पा रही है। गांव के बच्चे, महिलाएं, बूढे एवं रोजगार के लिए बाहर जाने वाले युवाओ को कीचड से भरे हुए मार्ग को पार करना पडता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से पेदल, साईकिल पर, मोटरसाईकिल पर या कार से निकलना मुमकिन नहीं है। मार्ग मे चिकनी मिट्‌टी जमा हो जाती है जो बारिश में साधनों को जाम कर देती है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों ने बार बार प्रशासन को मार्ग के दुरस्त कराने की मांग करी परन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। शंकरपुरा ग्राम के मार्ग को दुरस्त कराने के लिए बार बार प्रशासन ने आश्वासन दिया परन्तु तक वहीं बरडा तक नहीं डाला गया है। बारिश शुरू होने के चार- पांच दिनों तक मार्ग से गुजरना मुश्किल हो जाता है। विधायक मद से सडक स्वीकृत- शंकरपुरा वासियो ने विधायक सुरेश टांक से उक्त मार्ग पर पक्की सडक बनाने की मांग करी थी जिस पर विधायक ने ग्रामीणों की मांग पर सिरोंज प्याऊ से शंकरपुरा ग्राम तक ढ छ सो मीटर सडक की अनुशंसा कर दी थी। उक्त सडक का कार्य भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। शंकरपुरा वासियो को सडक बनने का इंतजार है। राजस्व गांव में नहीं था आने जाने का रास्ता- शंकरपुरा को राजस्व गांव बने हुए बरस बित गये परन्तु प्रशासन की लापरवाही से उक्त गांव में आने जाने का रिकार्डेड रास्ता ही नहीं था। ग्रामीणों एवं विधायक के प्रयास से गावं में आने जाने का रिकार्डेड रास्ता मिल गया परन्तु उकत रास्ता खेतों से गुजरता जहां चिकनी मिट्‌टी होने से बारिश में यह बन्द हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाना बन्द- बारिश होते ही रास्ते में कीचड का अम्बार लग जाता है। रास्ता चिकना होने से यहंा से गुजरना मुमकिन नहीं होता है। बारिश के बाद पांच छ दिनों तक बच्चो को स्कूल जाना बन्द हो जाता है। बारिश के मतलब बच्चों की अघोषित छुट्‌टी हो जाती है। ऐसे में बच्चों की पढाई का नुकसान हो जाता है।

इनका कहना है-
हमारे छोटे से गांव में आने जाने का कोई साधन नहीं है, पैदल चल कर सडक तक जाते है वह रास्ता भी बारिश में बन्द हो जाता है। प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों से गुहार है कि उनके गांव जाने वाले रास्ते पर जल्दी से सडक का कार्य शुरू कर देवे - छोटू नाथ ग्रामीण शंकरपुर l

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