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मकराना के संगमरमर मार्बल की शिला पर विराजेंगे श्रीरामलला

मकराना के संगमरमर मार्बल की शिला पर विराजेंगे श्रीरामलला

मकराना। संगमरमर नगरी मैं मार्बल सफेदी के लिए विश्व प्रसिद्ध है. यहां का मार्बल देश विदेश मे जाता है. जिसका कारण मकराना मार्बल की मजबूती है. अयोध्या मे बन रहे राममंदिर मे मकराना के मार्बल का उपयोग मैं लिया जा रहा है रामलला के मंदिर मे मार्बल से गर्भगृह व मंदिर के फर्श बनेगा.


अयोध्या नगरी को भगवन राम की नगरी कहा जाता है. यहां पर अब भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है. इस मंदिर मे कई जगहों के पत्थर मंदिर बनाने मे काम मे लिया गया है. अयोध्या मे भगवान राम का तीन मंजिला मंदिर बन रहा है जिसमे भगवान रामलला के मंदिर का गर्भगह मे मकराना का संगमरमर मार्बल लगाया जा रहा है. जिसकी ऊपर श्रीराम की मूर्ति विराजित की जाएगी. मार्बल गर्भगृह के अलावा मंदिर के पिल्लर बनाने मे काम मे लिया गया है. मकराना का मार्बल युगो तक राम मंदिर मे लगा रहेगा .

यह फर्म कर रही है काम—
गर्भगृह में जिस मार्बल की आसन शिला पर श्रीराम विराजेंगे उसको मकराना में तैयार करने वाली फर्म राना मार्बल के निदेशक हुकमाराम चौधरी व धर्माराम ने बताया कि बिल्कुल सफेद संगमरमर से निर्मित आसन शिला के पूरे पेडेस्टल का नाप 6 फीट चार इंच गुणा 8 फीट डेढ़ इंच और ऊंचाई 3 फीट साढे चार इंच है. तीन मंजिला श्रीराम मंदिर के फर्श पर मकराना का सफेद संगमरमर मार्बल लग रहा है. जिसमे मकराना के मार्बल का उपयोग किया जा रहा है. जिसमे गर्भगृह मे 13300 घन फीट व फर्श 95,300 वर्ग फीट फर्श में उपयोग हुआ. मकराना का मार्बल श्रीराम मंदिर के गर्भगृह व फर्श के अलावा कई जगहो पर लगाया गया है. फर्श के अलावा, गर्भगृह में नक्काशी का काम हुआ हैं वहीं मंदिर के पिल्लर मार्बल से बनाए गए हैं. फर्श व गर्भगृह क्लैडिंग के लिए काम में लिया गया है. फर्श के सफेद मार्बल और उस पर इन-ले वर्क का काम हुक्माराम और धर्माराम चौधरी ने किया है. फर्श की मजबूती के सफेद मार्बल स्लैब 35 एमएम मोटाई का लगाया है.

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