साहब की सख्ती - नशेड़ियों पर आफत
रायसिंहनगर . जिला कलेक्टर व एसपी के निर्देशों पर शहर के मेडिकल पर हुई ताबड़तोड़ कार्यवाही के बाद जहां अधिकांश मेडिकल स्टोर पर नशा बिकना बंद हो गया वहीं कुछ लोग आपदा में अवसर ढूंढते हुए कई गुना महंगे भाव में अभी भी नशा बेच रहे हैं व मोटी चांदी कूट रहे हैं, पिछले दिनों रायसिंहनगर थाने में पहुंचने पर पुलिस कप्तान व जिला कलेक्टर को मेडिकल नशे से संबंधित बहुत सी शिकायतों का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए व पुलिस व मेडिकल विभाग की सख्ती के चलते शहर में अधिकांश मेडिकल स्टोर पर नशा मिलना लगभग बंद हो गया, जिससे नशे के आदी लोग परेशान होने लगे ,उसी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने दो से तीन गुना पैसा लेकर नशा उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया,दो दिन तो शहर में मेडिकल नशा पूरी तरह से बंद हो गया था, लेकिन अब मेडिकलों पर दोबारा नशा मिलना शुरू हो गया है, मेडिकल संचालक नशे से हो रही मोटी कमाई के लालच छोड़ नहीं पा रहे है, मेडिकल स्टोर पर हुई कार्यवाही से एक बार तो मेडिकल संचालकों में हड़कंप मच गया था और मेडिकल संचालकों ने अपनी दुकानों में से नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाइयों को अपने अपने सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया था, चिकित्सा विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के बाद कुछ मेडिकल संचालकों को पुलिस थाना भी बुलाया गया था, लेकिन मेडिकल पर हुई कार्यवाही के बाद नशे के सौदागर इन मेडिकल संचालकों ने 2 दिन तो नशा बेचना बिल्कुल बंद कर दिया लेकिन इन्होंने अब फिर नशा बेचना शुरू तो कर दिया है , इन लालची लोगों ने नशे के भाव दो से तीन गुना बढ़ा दिए जिससे नशेड़ीयों की परेशानी बढ़ गई ,शहर के कचहरी रोड, बस स्टैंड , कालड़ा नर्सिंग होम के पास व वार्ड नंबर 14 में नशा मिलना फिर से शुरू हो गया हैं,मगर कई गुना महंगे दामों पर इन मेडिकलों पर पूरा दिन नशेड़ियों की भीड़ जमा रहती है, शहर के एक मेडिकल स्टोर से पूरे बाजार में नशे में प्रयुक्त होने वाले हरे कैप्सूल सप्लाई किए जा रहे हैं, इस मेडिकल स्टोर पर पहले भी कई बार कार्यवाही हो चुकी है और इस बार भी इस मेडिकल स्टोर संचालक को पुलिस द्वारा एक रात थाने में रखा गया था लेकिन मेडिकल स्टोर संचालक पर सख्त कार्यवाही नहीं होने के चलते वह दोबारा वही काम शुरू कर देता है,सरकार व प्रशासन को इन नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है