मोबाइल ऐप के माध्यम से स्टांप विक्रय करने के विरोध में स्टांप विक्रेताओं ने विरोध प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
सवाई माधोपुर। मुख्यालय के कलेक्ट्रेट मैं मोबाइल ऐप के माध्यम से स्टांप विक्रय करने की योजना के विरोध को लेकर सवाई माधोपुर के स्टांप विक्रेताओं ने कार्य बहिष्कार कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा पत्र क्रमांक 576 दिनांकित 05/01/2023 के द्वारा मुद्रांक विक्रेताओं को स्टांप मोबाइल ऐप के माध्यम से विक्रय करने का पायलट प्रोजेक्ट उदयपुर, सीकर, हनुमानगढ़ में जोधपुर जिले में पर लागू किया गया था। स्टांप विक्रेताओं का कहना है कि संपूर्ण राजस्थान में मोबाइल ऐप योजना को लागू किया जा रहा है। जिसको लेकर स्टांप विक्रेताओं ने रोष बना हुआ है।वही इसके विरोध में कई जिलों में विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपा गया। वही स्टांप विक्रेताओं का कहना है कि स्टांप विक्रय करने के साथ ऑफलाइन बिक्री रजिस्टर में भी एंट्री करनी पड़ती है जिससे कि एक स्टांप विक्रय करने में 12 से 13 मिनट का समय लग जाता है जिसके कारण पूरे दिन स्टांप विक्रेता 25 से 30 स्टांप बेच पाते हैं वहीं आम जनता को भी स्टांप खरीदने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस योजना के विरोध में राज्य के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन हो रहे हैं। जिस को समर्थन देते हुए आज सवाई माधोपुर स्टांप विक्रेताओं ने भी कार्य का बहिष्कार किया। विरोध प्रदर्शन के चलते बताया कि राजस्थान में कार्यरत 20,000 स्टांप विक्रेता स्वयं की पूंजी लगाकर राज्य सरकार को करोड़ों रुपए का वित्तीय सहयोग पहुंचाने में विशेष भूमिका निभाते हैं उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जल्द जनहितकारी मोबाइल ऐप योजना को बंद नहीं किया तो प्रदेश में सभी स्टांप विक्रेताओं को आंदोलन करना पड़ सकता है जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की वित्तीय हानि भी उठानी पड़ सकती है। स्टांप विक्रेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि स्टांप विक्रय मोबाइल ऐप योजना को वापस लेवे ताकि आमजन और गरीब स्टांप विक्रेताओं को राहत और न्याय मिल सके