उदयपुरवाटी पैंतालीसा के संस्थापक राव टोडरमल जी का मूर्ति अनावरण समारोह
नवलगढ . नवलगढ क्षेत्र में हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री तारा तारा मठ बाड़मेर के मठाधीश महन्त श्री प्रताप पुरी जी महाराज , पूर्व मन्त्री एवं वर्तमान विधायक उदयपुरवाटी श्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा । अध्यक्षता श्री राव राजेन्द्र सिंह शाहपुरा ने की करी ।विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री ज़ालिम सिंह आसपुरा ( संरक्षक श्री भवानी निकेतन संस्थान, जयपुर ) , श्री राम सिंह राजावत ( अध्यक्ष श्री राजपूत सभा , जयपुर ) कर्नल शौक़त खां झांझोत ( कायमखानी महासभा राजस्थान के संयोजक ), श्री शिवपाल सिंह नागंल ( अध्यक्ष श्री भवानी निकेतन संस्थान, जयपुर ), उम्मेद खां गिडानियां ( अध्यक्ष कायमखानी महासभा , झुंझुनू ) , पूर्व मन्त्री श्री राधेश्याम सिंह कंवर , बाबू सिंह शेखावत ( पूर्व चेयरमैन सीकर नगर परिषद) , सादिक खां ददरैवा कायमखां स्मारक स्थल अध्यक्ष थे ।कार्यक्रम के आयोजक सवाई नत्थू सिंह स्मृति संस्थान के सभी पदाधिकारी श्री सुमेर सिंह , श्री कुबेर सिंह , राजेन्द्र सिंह , श्री हरनाथ सिंह , श्री हनुमान सिंह , एवं समस्त राजपूत परिवार शेखावाटी था ।अन्य मंचस्थ अतिथियों में श्री रघुवेन्द्र सिंह डूंडलोद , श्री अंगददेव सिंह मन्डावा , श्री विरेन्द्र प्रताप सिंह गुढा, विजेन्द्र सिंह इन्द्रपुरा , कर्नल हेम सिंह , उदयपुरवाटी चैयरमैन रामनिवास सैनी थे ।स्वागत भाषण एडवोकेट जयवर्धन सिंह शेखावत ने देते हुए उन्होंने नत्थू सिंह जी के जीवन पर प्रकाश डाला । मुख्य वक्ताओं ने समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने पर ज़ोर दिया । कुबेर सिंह जी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया । राव टोडरमल की दान वीरता , भोजराज जी एवं शेखा जी की सामाजिक समरसता के क़िस्से बताए गए । कर्नल शौक़त खां ने बताया कि कायमखानी चौहान राजपूत की इष्ट देवी श्री जीण माता , कुलदेवी श्री शाकम्भरी माता , सोमनाथ मन्दिर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले गोगा जी महाराज , चक्रवर्ती सम्राट पृथ्वीराज चौहान , राणा मोटेराय चौहान , राणा कर्मचन्द चौहान ( नवाब क़ायम खां ) जैसे लोक देवता , देवियाँ और महान योद्धा हुए है ।इंजीनियर महावीर सिंह शेखावत झाझड द्वारा रचित अग्निवंशी कायमखानी राजपूतों एवं सूर्यवंशी राजपूतों की साँझा सांस्कृतिक विरासत पर एक इंजीनियर महावीर सिंह शेखावत झाझड द्वारा रचित पोस्टर का विमोचन सभी मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया ।गोविंद सिंह सुल्ताना , गोकुल सिंह पोंख ने समाज के महापुरुषों पर अपने विचार रखे । सभी वक्ताओं ने सर्वसमाज में शिक्षा , संस्कारों पर ज़ोर दिया , स्वयं से मन की बात करते हुए जीवन के कर्त्तव्य , उद्देश्य पर विचार करना चाहिए । सभी ने कहा कि मानव जीवन परम पिता परमेश्वर की उत्कृष्ट रचना है उसे बहुत अच्छी शैली से जीना चाहिए ।लोकतन्त्र में सभी जातियों की बराबर की भागीदारी होने पर ज़ोर दिया गया ।सर्वसमाज के मौजूद लोगों ने अतिथियों का सम्मान किया । सैकड़ों की संख्या में महिलाएँ महन्त प्रताप पुरी जी को सुनने के लिए आई ।उन्होंने बताया कि मानव प्रकृति द्वारा शाकाहारी भोजन करते हुए अपने कृतव्य निरवहण के लिए पैदा हुआ है ना कि मांसाहार करके किसी जानवर की दुराशीष लेने के लिए ।राव राजेन्द्र सिंह शाहपुरा ने कहा कि कायमखानी चौहान राजपूतों का और राजपूतों का डी एन ए एक है ।इंजीनियर महावीर सिंह शेखावत झाझड ने मंच संचालन किया ।विक्रम सिंह बगड़ , वीरपाल सिंह जाखल , मनोहर सिंह जाखल , भवानी शंकर शर्मा , मनोहर सिंह घोड़ीवारा ( श्री करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष , राजेश कटेवा ,महावीर सिंह बारवा , भँवर सिंह जांटवाली , गिरवर सिंह , प्रहलाद सिंह ( Ad Sp Retd ) , अमर सिंह कुमास, जितेन्द्र सिंह गिरधरपुरा , मदन सिंह बारवा , कुलदीप सिंह झाझड, सलीम खां हुक्मपुरा , मुश्ताक़ खां नवलडी , इक़बाल खां चेलासी , नसीर खां मरोड़ूँगा , आबिद खां , कैप्टन अयूब खां , अब्दुल खां , इनायत खां , अनीश खां , डॉ शक्ति सिंह , भोम सिंह , विक्रम सिंह ,राजेन्द्र सिंह , मोहन सिंह , कैप्टन छोटू सिंह ,जयपााल सिंह नांगल , मूल सिंह , विपिन सिंह धमोरा ,संग्राम सिंह , इन्द्र सिंह , मदन सिंह पापड़ा , दिलीप सिंह छापोली , रामचन्द्र सिंह सराय , केसर सिंह सुरपुरा , राम सिंह गुडा , सतपाल सिंह गुडा , अजीत सिंह किशोरपुरा , विजेन्दर सिंह गुढा , हमीर सिंह चमरा , नरेन्द्र सिंह छावसरी , विनय शर्मा , कुन्दन बाल्म्की , दिलीप असवाल , जगदीश कुमावत , बनवारी मीणा आदि मुख्य रूप से मौजूद थे ।