बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिला स्तर पर बनी रणनीति
- अक्षय तृतीया व पीपल पूर्णिमा पर सघन अभियान चलाने का निर्णय
कोटा। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को एडीआर भवन कोटा में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गीता चौधरी द्वारा की गई।
कार्यशाला में आगामी अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा जैसे अवसरों पर बाल विवाह की संभावनाओं को देखते हुए उसके प्रभावी रोकथाम के लिए साझा रणनीति बनाई गई। बाल विवाह की कुप्रथा के खिलाफ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्वयंसेवी संगठनों के बीच समन्वय बनाकर जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने बाल विवाह को रोकने के लिए शपथ ली तथा बाल विवाह मुक्त हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत हस्ताक्षर कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यशाला में वक्ताओं ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर अतरिक्त जिला कलक्टर कृष्णा शुक्ला, सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग रामराज मीणा, बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम वर्मा, उपप्रधान स्काउट गाइड यज्ञदत्त हाड़ा, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति राजेन्द्र सिंह सहित विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि व अधिवक्ता उपस्थित रहे।