कश्मीर पहुंचीं सुनिधि चौहान, बोलीं- ‘ऐसा लगता है जैसे जन्नत में हूं’
मुंबई। अपनी दमदार आवाज से बॉलीवुड को कई यादगार गाने देने वाली सिंगर सुनिधि चौहान के लिए कश्मीर का सफर बेहद खास रहा। जिस घाटी को उन्होंने अब तक फिल्मों और तस्वीरों में देखा था, वहां पहुंचकर उसकी खूबसूरती को करीब से महसूस करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा रहा। सुनिधि ने बताया कि कश्मीर जाना उनका बचपन से सपना था और आखिरकार यह इच्छा पूरी हो गई।
कश्मीर पहुंचने के बाद सुनिधि यहां के प्राकृतिक नजारों को देखकर बेहद प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि घाटी की खूबसूरती को देखकर उन्हें कुछ देर के लिए यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसी जगह वास्तव में मौजूद है। उनके मुताबिक, कश्मीर ने उन्हें सिर्फ अपनी वादियों से ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि यहां के लोगों का प्यार और अपनापन भी उनके दिल को छू गया।
सुनिधि ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वह इस यात्रा को लेकर बेहद खुश हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई जगहों की यात्रा की, लेकिन कश्मीर आने का मौका नहीं मिल पाया था। अब जब वह पहली बार घाटी पहुंचीं तो उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह किसी जन्नत में आ गई हों।
सिंगर ने कश्मीर के शांत माहौल की भी खास तौर पर तारीफ की। उनका कहना था कि यहां उन्हें जिस तरह का सुकून मिला, वह उनके लिए बिल्कुल अलग अनुभव है। घाटी की खूबसूरती के साथ यहां का खाना और लोगों का व्यवहार भी उन्हें काफी पसंद आया। सुनिधि ने यह तक कहा कि उनका यहां से वापस जाने का मन नहीं कर रहा था।
कश्मीर से प्रभावित सुनिधि अब संगीत के जरिए भी यहां के लोगों से जुड़ना चाहती हैं। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह कश्मीर में अपना कॉन्सर्ट जरूर करना चाहेंगी। उनके लिए यह सिर्फ एक परफॉर्मेंस नहीं होगी, बल्कि उस जगह और वहां के लोगों के प्रति अपने जुड़ाव को संगीत के जरिए जाहिर करने का एक मौका होगा।
दरअसल, सुनिधि चौहान उन प्रमुख भारतीय फिल्म और संगीत हस्तियों में शामिल थीं, जिन्होंने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (IFFJK) के पहले संस्करण में हिस्सा लिया। फेस्टिवल की शुरुआत 7 सितंबर को हुई थी और 10 सितंबर को इसका समापन हुआ। समापन समारोह में सुनिधि ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया।
कश्मीर की इस पहली यात्रा ने सुनिधि चौहान के लिए यादों का एक ऐसा अध्याय जोड़ दिया है, जिसे वह लंबे समय तक याद रखेंगी। बचपन से देखे इस सपने के पूरा होने के बाद अब वह घाटी में दोबारा लौटकर संगीत के जरिए लोगों से जुड़ने की उम्मीद भी रखती हैं।