गर्मी में पशु-पक्षियों का भी रखें ख्याल
-बाल मुकुन्द ओझा
गर्मियों का मौसम विशेषकर पशु पक्षियों के लिए बहुत कष्टप्रद होता है। गर्मी शुरू होने के साथ ही पशु-पक्षी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं। पशु-पक्षियों को जिंदा रहने के लिए हर रोज पानी की जरूरत होती है। गर्मियों में हर साल सैकड़ों पक्षी और आवारा पशु पानी की कमी से मर जाते हैं। तेजी से कम होते प्राकृतिक जल स्रोत और पेड़ों की कमी से इन बेजुबानों की स्थिति विकट हो गई है। पानी की तलाश में इन पक्षियों को भटकना पड़ रहा है। गर्मियों में पक्षियों को भी प्यास अधिक लगती है जबकि पानी की उपलब्धता कम हो जाती है। मनुष्यों ने जैसे तैसे अपने लिए खाने पीने की व्यवस्था करली मगर बेजुबान पशु पक्षी भगवान् भरोसे हो गए। बेजुबान जानवरों की परेशानियां बढ़ गयी। पानी की पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं होने से पशु पक्षियों के सामने संकट खड़ा हो गया। खाना तो दूर पानी के लिए भी तरस गए। एक जमाना था जब देशभर में पानी के प्राकृतिक स्रोत मौजूद थे। मगर आज पानी के प्राकृतिक स्रोत न के बराबर हैं। जो बचे भी हैं उनका पानी पीने योग्य नहीं है। ऐसे में आप तो अपने घर में साफ पानी की व्यवस्था कर लेते हैं मगर जानवरों और पक्षियों को इन्हीं गंदे पानी के स्रोतों से प्यास बुझानी पड़ती है जिससे इनको फायदा कम होता है बल्कि ये बीमार भी हो जाते हैं। घरों के आँगन तथा छत पर पंछियों के लिए छोटे-छोटे पात्रों में जल भरकर रखना चाहिए, जिससे गर्मी में थक कर आये पक्षी जल ग्रहण कर पुनः अनंत आकाश में गोता लगा सकें | गर्मी की तपन से इन्हें बचाने के लिए जिस तरह इंसान को शुद्ध पानी और वायु की जरूरत होती है, उसी प्रकार गर्मी में पशु, पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम लोग करते हैं, ताकि पक्षियों को भी जीवन मिल सके।
पशु-पक्षियों की सेवा करने वाले लोगों का मानना है घर की छतों पर पक्षियों के लिए दाना पानी रखने से घर में स्मृद्धि आती है। शास्त्रों में बेजुबान जानवरों की सेवा करने के लिए कहा गया है। इसका भी अपना धार्मिक महत्व है। साथ ही पशुओं और पक्षियों की सेवा करने से मन को काफी शांति मिलती है। ज्योतिष के अनुसार भी पक्षियों को पाने पिलाने के बहुत से फायदे हैं। पशु पक्षियों को दाना और पानी पिलाने से भविष्य में आपके ऊपर आने वाली परेशानियां ये बेजुबान जानवर अपने ऊपर ले लेते हैं। इसके अलावा यह आपके ग्रह संबंधी दोषों को भी दूर करते हैं जिससे आपकी परेशानियां कम होने लगती है।
गर्मी शुरू होते ही समाज सेवी लोग जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था करते है। आज जरुरत इस बात की है की ठीक वैसे ही पक्षियों के लिए भी प्याऊ की व्यवस्था की जाये ताकि उन्हें भी गर्मी में साफ और ठंडा पानी मिल सके। साफ पानी न मिलने से उन्हें गर्मी में ज्यादा तकलीफ होती है। पानी खत्म होते ही दूसरा पानी और गर्म होते ही ठंडा पानी भरें, ताकि जानवरों को भी शुद्ध और ठंडा पानी मिल सके। घर के बाहर या बालकनी में छांव वाली जगह पर बर्तन में पानी भरकर रखें। पानी और दाना आदि रख रहे हैं तो नियमित तौर पर इसे बरकरार रखें। इस चीज को सुनिश्चित कर लें कि पानी का बर्तन जानवर या पक्षी के आकार के लिहाज से उचित हो, ज्यादा छोटा या ज्यादा बड़ा बर्तन भी ठीक नहीं।
गर्मियों में बहुत से परिंदों व पशुओं की मौत पानी की कमी के कारण हो जाती है। लोगों का थोड़ा सा प्रयास घरों के आस पास उड़ने वाले परिंदों की प्यास बुझाकर उनकी जिंदगी बचा सकता है। सुबह आंखें खुलने के साथ ही घरों के आस-पास गौरेया, मैना व अन्य पक्षियों की चहक सभी के मन को मोह लेती है। घरों के बाहर फुदकती गौरेया बच्चों सहित बड़ों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है। गर्मियों में घरों के आसपास इनकी चहचहाहट बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि लोग पक्षियों से प्रेम करें और उनका विशेष ख्याल रखें। आने वाले दिन और जेठ में और अधिक गर्मी पडने की संभावना है। गर्मी में मनुष्य के साथ-साथ सभी प्राणियों को पानी की आवश्यकता होती है। मनुष्य तो पानी का संग्रहण कर रख लेता है, लेकिन परिंदे व पशुओं को तपती गर्मी में यहां-वहां पानी के लिए भटकना पड़ता है। पानी न मिले तो पक्षी बेहोश होकर गिर पड़ते हैं।