विश्व पर्यावरण दिवस पर होगा ‘वंदे गंगा’ अभियान का भव्य समापन
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 का समापन 5 जून को होगा।
- विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण, पीपल पूजन और जल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में जैसलमेर ने पेश की मिसाल।
जैसलमेर : मरुस्थलीय जिले जैसलमेर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को अभियान का भव्य समापन किया जाएगा, जिसमें जिलेभर में कई जनजागरूकता और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और हरित भविष्य के प्रति जागरूक करना है। अभियान के समापन दिवस पर विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी देखने को मिलेगी।
जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि हरियालो राजस्थान अभियान के तहत विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा जल संरचनाओं की डी-सिल्टिंग, तुलसी एवं पौध वितरण, नर्सरियों का निरीक्षण, पीपल पूजन, वंदे गंगा प्रभात फेरी और कलश यात्राओं जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। बढ़ते जल संकट को देखते हुए लोगों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है और इसी सोच के साथ इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाया गया है।
25 मई से शुरू हुए इस अभियान के दौरान जिलेभर में जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, पौधरोपण, जल संरक्षण संरचनाओं के रखरखाव, जागरूकता रैलियों, कार्यशालाओं और शपथ कार्यक्रमों सहित कई गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के जरिए जल बचाने का संदेश गांवों और दूर-दराज की ढाणियों तक पहुंचाया गया।
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी जनभागीदारी रही। शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे जल संरक्षण के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और जल एवं पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।