वर्षों से लंबित सागवाड़ा सब स्टेशन काम होगा पूरा , 4.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति – उर्जा मंत्री
जयपुर। ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनहित को सर्वोपरि मानते हुए वर्षों से अटके सागवाड़ा 33/11 केवी सबस्टेशन परियोजना का कार्य पुनः शुरू करने के लिए 4 करोड़ 75 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा इस कार्य को निरस्त कर दिया गया था। श्री नागर प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में विधायक डॉ दयाराम परमार द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि इस सबस्टेशन का सिविल कार्य 29 मई 2018 को प्रारम्भ किया गया। यहां सिविल कार्य कर दिया गया था, लेकिन प्रस्तावित 33 केवी लाइन का मार्ग लगभग 2.5 किलोमीटर वन क्षेत्र से होकर गुजरने के कारण वन विभाग से एनओसी नहीं मिल सकी। उर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में यहां लाइन डालने और विद्युत कनेक्शन का कार्य आगे बढ़ाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए तथा 29 नवंबर 2019 को परियोजना को निरस्त कर दिया गया। साथ ही लगभग 15 लाख रुपये के सिविल कार्य की देनदारी भी निर्धारित नहीं की गई। अब राज्य सरकार द्वारा वन मार्ग के छोड़कर वैकल्पिक मार्ग के जरिये लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उर्जा मंत्री ने कहा कि सहायक अभियन्ता ऋषभदेव के अन्तर्गत नवीन 33/11 केवी सबस्टेशन सागवाड़ा पाल की दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजनान्तर्गत प्रशासनिक स्वीकृति दिनांक 04 दिसम्बर 2017 को जारी की गई थी। उक्त सबस्टेशन का सिविल कार्य दिनांक 29 मई 2018 को प्रारम्भ किया गया। वर्तमान में उक्त सबस्टेशन हेतु भवन व बाउण्ड्री वाल का कार्य किया हुआ है। उन्होंने कहा कि इस 33/11 केवी सबस्टेशन की प्रस्तावित 33 केवी लाईन का मार्ग वन क्षेत्र से होकर गुजरने के कारण, 33 केवी लाईन का कार्य नहीं किया जा सका, तदुनुसार उक्त सबस्टेशन का विद्युत कनेक्शन कार्य भी नहीं किया गया।