अनाथों की अस्थियां गंगा में होगी विसर्जित
सीकर । शहर में होने वाली अनाथ एवं लावारिसो की मृत्यु के बाद उनका दाह संस्कार होने के पश्चात उनकी अस्तियों को श्मशान घाट में रखा जाता है परिवार का कोई सदस्य नहीं होने पर अस्थियां हरिद्वार तक नहीं पहुंच पाती है समाजसेवी भंवरलाल जांगिड़ ब्राह्मण प्रतिवर्ष अनाथ एवं लावारिसों की अस्थियों को हरिद्वार में विसर्जित करते हैं जांगिड़ ने आज शहर के श्मशान घाटो से अनाथों की अस्थियों को पंडित द्वारा विधिवत रूप से पूजा अर्चना करवाकर हरिद्वार के लिए स्वयं की गाड़ी से रवाना हुए । उल्लेखनीय है कि जांगिड़ पिछले 25 वर्षौ से कल्याण अस्पताल व अन्य अस्पतालों में प्रतिदिन प्रत्येक मरीज तक पहुंचकर उनकी देखभाल करते हैं जांगिड़ ने बताया कि इंसान को अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज एवं बेसहारा लोगों की सेवा करनी चाहिए इस दौरान सेवा प्रमुख बजरंग लाल सैनी, मुकेश चाहलया,जीतू, जितेंद्र, श्री चंद खटीक, राकेश जांगिड़,पूर्णमल खटीक, सुरेश खटीक, अजय, राजू राव, दीपक, पंडित गोपाल नवलगढ़, रामचंद्र आदि मौजूद रह