नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा ने हसीरानी रथ को उतारा
कोलकाता. भाजपा ने पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने पूर्वी मिदनापुर की नंदीग्राम सीट से हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है। वहीं मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट से सखराव सरकार भाजपा के प्रत्याशी होंगे।
हसीरानी रथ का नाम सामने आने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव की सियासत और दिलचस्प हो गई है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक रह चुके थे।
बेटे की हत्या के बाद राजनीति में एंट्री
चंद्रनाथ रथ की इस साल 6 मई की शाम उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद हुई थी।
अब भाजपा ने उनकी मां हसीरानी रथ को नंदीग्राम जैसे राजनीतिक रूप से अहम क्षेत्र से उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी के भीतर इसे एक अहम राजनीतिक दांव के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, हसीरानी रथ नामांकन दाखिल करने से पहले नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के जानकीनाथ मंदिर में पूजा करेंगी। इसके बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर नामांकन दाखिल करने के लिए जाएंगी।
20 हजार समर्थकों के साथ नामांकन की तैयारी
भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हसीरानी रथ के नामांकन कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मंदिर में पूजा के बाद करीब 20 हजार कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जुलूस निकाला जाएगा।
यह जुलूस हल्दिया स्थित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पहुंचेगा, जहां हसीरानी रथ अपना नामांकन दाखिल करेंगी। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी मौजूद रहने की बात कही गई है।
16 सितंबर तक नामांकन, 6 अक्टूबर को वोटिंग
नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर निर्धारित है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की नौबत सुवेंदु अधिकारी के विधानसभा चुनाव में दो सीटों से जीतने के बाद आई। उन्होंने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव जीता था। भवानीपुर में उन्होंने अपनी पूर्ववर्ती और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।
इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट छोड़ दी। इसी वजह से अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
रेजीनगर में मुकाबला भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण
रेजीनगर सीट की राजनीतिक तस्वीर नंदीग्राम से अलग मानी जा रही है। मुर्शिदाबाद जिले की इस सीट पर आबादी की संरचना चुनावी समीकरणों में अहम भूमिका निभा सकती है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा के लिए यहां मुकाबला आसान नहीं होगा।
पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजीनगर सीटों से आम जनता उन्नयन पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखी, जबकि रेजीनगर उपचुनाव के लिए अपने बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।
नंदीग्राम में भाजपा का मजबूत आधार
साल 2021 से नंदीग्राम भाजपा के लिए मजबूत राजनीतिक क्षेत्र बना हुआ है। सुवेंदु अधिकारी की यहां मजबूत पकड़ और पिछले चुनावों के प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा इस सीट पर अपनी स्थिति को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।
वहीं रेजीनगर में तस्वीर ज्यादा पेचीदा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यहां भाजपा के सामने स्थानीय समीकरण बड़ी चुनौती बन सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की चर्चा भी चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है।
रेजीनगर उपचुनाव कांग्रेस और सीपीआई (एम) के लिए भी महत्वपूर्ण मौका माना जा रहा है। दोनों दल विधानसभा में अपनी संख्या बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। इसके अलावा यह चुनाव पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक मतदाताओं के बदलते राजनीतिक रुझान का भी संकेत दे सकता है।