Dark Mode
जिला कलेक्ट्रेट का बदलता स्वरूप

जिला कलेक्ट्रेट का बदलता स्वरूप

सवाई माधोपुर । 18 वीं शताब्दी में जयपुर रियासत के महाराजा सवाई माधोसिंह के द्वारा 19 जनवरी, 1763 को सवाई माधोपुर शहर स्थापित किया गया। सवाई माधोपुर जिला पुराने करौली राज्य तथा पुराने जयपुर राज्य की सवाई माधोपुर, गंगापुर, हिण्डौन निजामतों से मिलकर बना। भारत की आजादी के पश्चात देश के प्रथम गृहमंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में राज्यों का एकीकरण के फलस्वरूप राजस्थान भारत देश का अभिन्न अंग बन गया। पुराना करौली राज्य 17 मार्च 1948 को मत्स्य संघ में सम्मिलित हुआ और उसमें पुराने जयपुर राज्य के मिलने से संयुक्त राजस्थान बना। 15 मई 1949 को सवाई माधोपुर अलग जिले के रूप में अस्तित्व में आया। सवाई माधोपुर के अस्तित्व में आते ही कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण हुआ और इसके साथ ही सवाई माधोपुर का प्रशासन जिला कलक्टर के हाथों में आ गया।
कलेक्ट्रेट भवन एवं परिसर में समय-समय पर नए विभागों के लिए नए निर्माण एवं सौन्दर्यकरण के कार्य हुए। वर्तमान में कलेक्ट्रेट भवन के भूतल पर कोर्ट चेंबर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, उप जिला कलेक्टर आदि कार्यालय संचालित है। वहीं भवन के प्रथम मंजिल पर जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर के चैम्बर हैं, निर्वाचन कार्यालय, सामान्य शाखा, भू अभिलेख शाखा, न्याय अनुभाग, संस्थापन शाखा, सहायक शाखा, राजस्व शाखा, नियंत्रण कक्ष, विज्ञान केंद्र के साथ कलेक्ट्रेट भवन का सभागार भी स्थित है। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर में जिला परिषद्, भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र, रोजगार कार्यालय, जिला रसद विभाग, उप पंजीयन कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक कार्यालय, एसबीआई बैंक इत्यादि कार्यालय भी कार्य कर रहे हैं।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता गोविन्द सहाय मीना ने बताया कि वर्तमान जिला कलक्टर सुरेश कुमार ओला के निर्देश एवं मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट परिसर में जीर्णाेद्धार एवं सौन्दर्यकरण के कार्य हुए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग राजस्थान जयपुर से सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य हेतु 2 करोड़ 26 लाख 68 हजार रूपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिससे कलेक्ट्रेट भवन की छत जो जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्षा के दौरान टपकती थी उसका रूफ ट्रीटमेन्ट कर टाईल्स लगाने का कार्य किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर जो आवारा पशुओं के आवागमन के कारण गन्दा व बदहाल था वहां पर मुख्य द्वार के दोनों तरफ नवीन बाउन्ड्रीबॉल का निर्माण होने से उनका आवागमन रूका है। वहीं मुख्य सड़क के बाउंड्री वॉल पर पुताई व सुंदर चित्रकारी का कार्य किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट परिसर में पुराने क्षतिग्रस्त डामर रोड के स्थान पर सीसी सड़क का निर्माण करवाने से सड़क में गड्ढे व बरसात में पानी भरने की समस्या से निजात मिली है। कलेक्ट्रेट भवन के कमरों की मरम्मत एवं पुरानी विद्युत लाइन के स्थान पर आवश्यकतानुसार नई विद्युत लाइन डाली गई है। भवन की खिड़की दरवाजों की मरम्मत के साथ-साथ भवन पर प्लास्टर, पुट्टी व  रंग-रोगन कर भवन को सुंदर एवं आकर्षक बना दिया है। कलेक्ट्रेट भवन का सम्पूर्ण कायाकल्प हो गया है जिसकी प्रसंशा न सिर्फ विभागीय कार्मिक बल्कि कलेक्ट्रेट आना वाला हर नागरिक कर रहा है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!