जिला न्यायाधीश ने कारागृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
नाथद्वारा. राजसमन्द जिला मुख्यालय पर आज आलोक सुरोलिया, जिला एवं सेशन न्यायाधीश अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद ने जिला कारागृह का मासिक निरीक्षण कर कारागृह की भोजन, सफाई, आवास, सुरक्षा इत्यादि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री मनीष कुमार वैष्णव सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजसमंद ने बताया कि माननीय अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक सुरोलिया द्वारा जिला कारागृह निरीक्षण के दौरान कारागृह कुल 102 बंदी निरुद्ध मिले। 50 बंदी उपकारागृह कोटड़ा, 15 बंदी उपकारागृह मावली व 30 बंदी उपकारागृह, गंगापुर में स्थानातंरित कर दिया जाना बताया। प्रातःकालीन भोजन में बंदियों को दाल, सब्जी व चपाती तथा सुबह नाश्ते में पोहे दिया जाना बताया। वक्त निरीक्षण बंदियों के लिये सांयकालीन भोजन तैयार किया जा रहा था, जिसकी गुणवता की जांच स्वयं जिला न्यायाधीश द्वारा की गयी। सुरोलिया ने कारागृह प्रशासन को निर्देश दिये कि कारागृह में ऐसा कोई भी बंदी निरूद्ध नहीं रहे जिसके पैरवी हेतु अधिवक्ता नहीं हो। उन्होंने नवीन प्रवेशित बंदियो से संवाद किया सभी बंदियों ने अपने प्रकरण में अधिवक्ता नियुक्त होना बताया। कारागृह में कोई भी बंदी 18 साल से कम उम्र का निरूद्ध नहीं मिला। जिला न्यायाधीश ने कारागृह की साफ-सफाई, बंदियों के स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधा, भोजन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण, विधिक सहायता, शिकायतों, पेरोल, संप्रेषण, पुस्तकालय, शिक्षा, कपड़ों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, सीसीटीवी कैमरा, स्वीकृत पदों इत्यादि विषयों पर जानकारी प्राप्त की। बंदियों के मनोरंजन हेतु बैरक में टेलीविजन लगी हुई है तथा सुरक्षा के लिये लगाए गए कुल 16 सीसीटीवी कैमरों में से 4 कैमरे क्रियाशील अवस्था में नहीं हैं। जिला न्यायाधीश ने बंदियों से वार्ता कर उनसे भोजन, पानी एवं अन्य व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की तथा बंदियों को विभिन्न कानूनों की जानकारी भी प्रदान की गई।