गौर की विदाई के साथ चार दिवसीय गणगौर महौत्सव का समापन
सरवाड़. भंवर म्हाने पूजणद्यो गणगौर, भंवर म्हाने खेलण द्यो गणगौर, गीत की मंगल स्वरलहरियों के बीच यहां नगर पालिका के तत्वाधान में चल रहे गणगोर मेले का ईसर-गौर की विदाई के साथ शुक्रवार को समापन हुआ। शुक्रवार शाम यहां पुरानी नगर पालिका भवन से ईसर-गौरी की प्रतिमाओं का जुलूस प्रारंभ हुआ। ढ़ोल-बाजों के साथ प्रारंभ हुआ जुलूस हलवाई गली, सत्यनारायण मंदिर, माणक चौक, माली मौहल्ला व खीरियां गेट होते हुए सूर्य तलाई पंहुचा। यहां बड़ी तादाद में महिलाओं ने ईसर-गौरी की प्रतिमाओं पर कुंकुम-काजल और मेंहदी के टीके लगाए और गौर-गौर गोमती, ईसर पूजे पार्वती आदि गीतों की तान छेड़ी, और गौर को विदाई दी। महिलाओं ने जल, पुष्प, अगरू, अक्षत, मोली, धूप, दीप, नैवैद्य, आदि के साथ पूजन किया। साफा, धोती, से सजी ईसर व राजस्थानी चूंदड़ी व गोटा-किनारी के लहगे से सजी गौरी की प्रतिमाएं आकर्षक लग रही थी।