बुद्ध प्रतिमाएं तोड़ने वाला तालिबान उन्हीं से कर रहा कमाई
आर्थिक तंगी से जूझ रहा तालिबान अब बुद्ध की उन मूर्तियों को देखने के लिए टिकट बेच रहा है, जिन्हें 22 साल पहले तालिबानी अधिकारियों ने ही तुड़वा दिया था। द वॉशिंटन पोस्ट की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। बताया गया है कि अफगानिस्तान के बामियान इलाके में बुद्ध की मूर्तियां टूरिज्म के जरिए कमाई का जरिया बन रही हैं। तालिबान के कल्चर मिनिस्टर अतीकुल्लाह अजीजी ने एक इंटरव्यू में कहा बामियान और बुद्धा हमारी सरकार के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने की दुनिया के लिए ये महत्वपूर्ण हैं। इनकी सुरक्षा के लिए एक हजार गार्ड नियुक्त किए गए हैं। ये इलाके में टिकट की भी निगरानी कर रहे हैं। सूचना और सांस्कृतिक विभाग के निदेशक सैफुर्रहमान मोहम्मदी ने कहा- दो दशक पहले हुई घटना के बारे में अभी बात करने से कोई मतलब नहीं है। अब आगे बढ़ने का समय है।
बामियान यूनेस्को साइट, पिछले साल 2 लाख लोग पहुंचे
बामियान अफगानिस्तान के सबसे गरीब प्रांतों में शामिल है। हिंदुकुश की पहाड़ियों के बीच बसे बामियान के ज्यादातर लोग सिर्फ आलू की खेती और कोयले के खनन पर निर्भर हैं। यूनेस्को ने 2003 में बामियान को ऐतिहासिक स्थल का दर्जा दिया था। अब बुद्ध की मूर्तियों की खाली जगह के सामने बंदूकधारी गार्ड तैनात हैं। यहां अफगान पर्यटकों के लिए 3 रुपए और विदेशी पर्यटकों के लिए 282 रुपए का टिकट रखा गया है। यहां पर 2015 के बाद से लेजर शो होता है। पिछले साल 2 लाख से भी ज्यादा अफगान पर्यटक बामियान पहुंचे थे। इनमें से हर व्यक्ति ने औसत 5 हजार रुपए खर्च किए थे।
मौजूदा सरकार बताना चाहती है कि हम ज्यादा उदार
अफगानिस्तान की मौजूदा तालिबान सरकार सत्ता में आने के बाद से बामियान को विकसित करने में जुटी है। हालिया सरकार दिखाना चाहती है कि वे पुराने तालिबान से ज्यादा उदारवादी हैं। बामियान में कई जगह लिखा मिलता है कि ‘आतंकी तालिबानी समूह’ ने बुद्ध की प्रतिमाएं तोड़ी हैं। हालांकि सब जगह पर ‘आतंकी’ शब्द को खुरच दिया है।
अतिक्रमण, अवैध खनन और तस्करी जारी
वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा होने के बाद भी बामियान में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। बामियान की पहाड़ियों में कई जगह अवैध रूप से लोग रहने लग गए हैं। यहां के इतिहास से जुड़ी कई सारी कलाकृतियों की तस्करी के मामले भी लगातार सामने आते रहे हैं। इसके अलावा बामियान की पहाड़ियों में हो रहा अवैध खनन भी विश्व विरासत के लिए खतरा बना हुआ है।