शिक्षिका ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पर लगाए हरेसमेंट के आरोप
मसूदा. मसुदा पंचायत की ग्रामीण क्षेत्र में संचालित विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पर हरेसमेंट के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, अनुसूचित जाति जनजाति आयोग को शिकायत दी एवं मसूदा थाने में परिवाद पेश किया। शिक्षिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ माह पूर्व मसूदा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शिव कुमार दुबे उसके विद्यालय में निरीक्षण करने पहुंचे एवं इस दौरान दुबे ने दबाव बनाते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मसूदा में आने के लिए कहा। साथ ही कहा कि प्रतिदिन 2 घंटे कार्यालय में उनके साथ रहना पड़ेगा। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने धमकी देते हुए कहा कि अगर उसका कहना नहीं माना तो वह विभाग का बड़ा अधिकारी है एवं उसके विरुद्ध कार्यवाही करके मजबूर कर देगा। साथ ही 26 अगस्त 22 को कार्यालय आदेश जारी करते हुए शिक्षिका को ब्लॉक कार्यालय में उपस्थित होने के आदेश जारी किए। ब्लॉक ब्लॉक कार्यालय में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने अपने कमरे में बुलाकर उसके फिट शरीर पर टिप्पणी करते हुए कहां की वह उनके रिलेशन में रहे ऐसा कहते हुए आपत्ति जनक तरीके से कंधा पकड़ कर जबरन कुर्सी पर बिठा दिया। साथ ही फोन करते रहने की बात कह कर उस दिन की ड्यूटी कैंसिल कर दी। और तबीयत सही होने पर वापस आने के लिए कहा। तबीयत सही होने पर शिक्षिका वापस अपने स्कूल में जाने लग गई तो उसे अतिरिक्त कार्य देकर ब्लॉक कार्यालय बुलवाया। फोन कर धमकी देते हुए कहां की शिक्षिका के विरुद्ध वह शिकायतें प्राप्त करके कार्यवाही करेंगे। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए 24 नवंबर को प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर जांच करने की बात कही। 26 नवंबर को प्रधानाचार्य ने शिक्षिका का कार्य संतोषजनक बताते हुए रिपोर्ट प्रेषित कर दी, इस पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दुबे ने गलत राय कायम करते हुए 5 दिसंबर को उसका विद्यालय बदलकर दूसरी जगह भेज दिया। तब से वह दूसरे विद्यालय में ड्यूटी कर रही है। शिक्षिका ने बताया कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की मांग पूरी नहीं करने पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कानाखेड़ा के प्रधानाचार्य को उसके विरुद्ध जांच करने के आदेश दिए। जिस जांच में भी उसने सभी तथ्यों से अवगत करवाया। शिक्षिका ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के उच्च पद पर आसीन होने का फायदा उठाते हुए शक्ति का दुरुपयोग करते हुए जबरन शारीरिक शोषण करने की नियत से मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया एवं अनावश्यक विधि विरुद्ध कार्यवाही करके डराया जाने की बात कही जिसको लेकर शिक्षिका ने मुख्यमंत्री कार्यालय जयपुर पहुंचकर अपनी फरियाद दी एवं अनुसूचित जाति जनजाति आयोग जयपुर में शिकायत दर्ज करवाई। शिक्षिका ने शिकायत देते हुए कहा कि इस प्रकार से ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किए जाने पर उसके समक्ष मृत्यु के अतिरिक्त कोई विकल्प शेष नहीं रहेगा।
इनका कहना -उक्त शिक्षिका के विरुद्ध विभागीय जांच लंबित है जिसके चलते उसको दूसरे विद्यालय में लगाया था शिक्षिका की मांग है कि उसे उसी विद्यालय में लगाया जाए जिसको लेकर शिक्षिका आरोप लगा रही है