ग्राम पंचायत बमोरीघाटा में नही है आंगनबाड़ी भवन
छीपाबड़ौद. ग्राम पंचायत क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए लड़ने वाली ग्राम पंचायत बमोरीघाटा की सरपंच प्रियंका नागर ने बताया की ग्राम पंचायत बमोरीघाटा के चारो गांव में कुल 6 आंगनबाड़ी केंद्र है लेकिन किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र का कोई भवन नही है। जिस कारण छोटे-छोटे बच्चो और गर्भवती महिलाओ को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा शून्य से 6 साल तक के बच्चों को कुपोषण से बचाव, स्कूली पूर्व शिक्षा देने, गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा एवं सलाह देने आदि से संबंधित योजनाओं को लेकर गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। इसके लिए सरकार द्वारा बाल विकास परियोजना विभाग गठन किया गया है। यह योजना कई वर्षो से चलने के बावजूद अधिकारियों का ध्यान आज भी नही है। भवन नही होने से विभाग के अधिकारियों को भी नही पता की आंगनबाड़ी केंद्र कहा चल रहे है। लाखो रुपए सरकार खर्च कर रही है लेकिन भवन नही होने से आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधन और सुविधा नही मिल रही है। भवन के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले बच्चो के लिए समुचित व्यवस्था नही मिल पाती है ऐसे में विभाग की योजनाएं सही तरीके से क्रियान्वित नहीं हो रही है और सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। किराया के मद में प्रति माह लाखों रुपए का वारा न्यारा विभाग द्वारा किया जाता है। विभाग चाहे तो किराया राशि से प्रत्येक माह में एक आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी कर सकता है।