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टी20 उपकप्तानी का आनंद ले रहे तिलक वर्मा, बोले- श्रेयस अय्यर को देता हूं सुझाव

टी20 उपकप्तानी का आनंद ले रहे तिलक वर्मा, बोले- श्रेयस अय्यर को देता हूं सुझाव

ऑकलैंड। भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि मैदान पर नेतृत्व करना उनके लिए नया अनुभव नहीं है, क्योंकि वह अपनी राज्य टीम हैदराबाद और भारत ए की कप्तानी कर चुके हैं। इसी अनुभव का इस्तेमाल करते हुए वह मौजूदा कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ अपने सुझाव साझा करते हैं और टीम की जरूरत के मुताबिक उनकी मदद करते हैं।

न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले से पहले ईडन पार्क में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक ने अपनी भूमिका पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि घरेलू क्रिकेट में सभी प्रारूपों की कप्तानी करने से उन्हें खेल की परिस्थितियों को समझने और फैसले लेने का अनुभव मिला है। पिछले एक साल से भारत ए की कप्तानी ने भी उनकी नेतृत्व क्षमता को निखारा है।

तिलक ने कहा कि वह मैदान पर जो भी उपयोगी सुझाव दे सकते हैं, उन्हें श्रेयस अय्यर तक पहुंचाते हैं। उनके मुताबिक, कप्तान भी जरूरत पड़ने पर उनसे राय लेते हैं और वह अपनी इस छोटी लेकिन अहम भूमिका का आनंद उठा रहे हैं।

दबाव में कप्तान की मदद करना पसंद

तिलक ने टी20 क्रिकेट की चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रारूप में कप्तान पर लगातार दबाव रहता है। आजकल मुकाबलों में बड़े स्कोर बन रहे हैं, ऐसे में मैदान पर हर गतिविधि पर एक साथ नजर रखना आसान नहीं होता। इसलिए वह श्रेयस अय्यर के साथ बातचीत करते रहते हैं और जहां जरूरत हो, वहां अपना अनुभव साझा करते हैं।

उनका मानना है कि उपकप्तान की जिम्मेदारी केवल पद तक सीमित नहीं होती, बल्कि टीम के फैसलों और मैदान पर रणनीति बनाने में भी योगदान देना जरूरी है। तिलक के लिए कप्तान के साथ तालमेल बनाकर काम करना और टीम की मदद करना इस भूमिका का अहम हिस्सा है।

फील्डिंग में भी तिलक का शानदार प्रदर्शन

उपकप्तानी के साथ-साथ तिलक वर्मा अपनी फील्डिंग को लेकर भी चर्चा में हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी टी20 सीरीज के दौरान उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक कैच पकड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। साल 2026 में उनके कैचों की संख्या 26 तक पहुंच गई, जिससे उन्होंने इंडोनेशिया के डैनिलसन हावो के 2025 में बनाए गए 25 कैच के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

तिलक ने कहा कि उन्हें बचपन से ही फील्डिंग करना पसंद रहा है। अभ्यास के दौरान वह इसे कभी बोझ नहीं मानते। उनके अनुसार, विदेशों में हवा और ठंड जैसी परिस्थितियों में गेंद को पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन उन्हें मैदान पर सक्रिय रहना हमेशा अच्छा लगता है।

उन्होंने यह भी बताया कि मैदान पर तेजी से दौड़ना, अहम जगहों पर पहुंचना और टीम के लिए जिम्मेदारी लेना उन्हें पसंद है। उनका मानना है कि खेल का आनंद लेकर प्रदर्शन करने से नतीजे बेहतर हो सकते हैं।

अहम मौकों पर टीम को उन पर भरोसा

तिलक के मुताबिक, टीम प्रबंधन को उनकी कैच पकड़ने की क्षमता पर भरोसा है। यही वजह है कि उन्हें अक्सर ऐसी जगहों पर फील्डिंग के लिए लगाया जाता है, जहां कैच पकड़ने या रन रोकने की संभावना अधिक होती है। इससे उन्हें मैच के अहम पलों में योगदान देने का मौका मिलता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई शानदार कैच पकड़ा जाता है, तो मैदान पर मौजूद दर्शकों और प्रशंसकों का उत्साह भी बढ़ जाता है। तिलक के लिए फील्डिंग केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि खेल का ऐसा हिस्सा है जिसमें वह अपनी पूरी ऊर्जा लगाना पसंद करते हैं।

उपकप्तानी में अनुभव, कप्तान के साथ बेहतर तालमेल और मैदान पर लगातार अच्छा प्रदर्शन तिलक वर्मा के खेल के अहम पहलू बनकर उभर रहे हैं। वह अपनी भूमिका को टीम की सामूहिक सफलता में योगदान देने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।

 

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