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विपक्ष की बैठक के बाद आमने-सामने आए टीएमसी, माकपा और कांग्रेस

विपक्ष की बैठक के बाद आमने-सामने आए टीएमसी, माकपा और कांग्रेस

अगले लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोधी गठबंधन बनाने पर सहमत होने के कुछ दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में राज्यस्तरीय राजनीतिक समीकरण को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए। वाम दल शासित केरल एक और राज्य है जहां राजनीतिक समीकरण विपक्षी एकता बनाने के प्रयासों की परीक्षा लेंगे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को पार्टी की केरल इकाई के अध्यक्ष के. सुधाकरन से मुलाकात की और कहा कि कांग्रेस प्रतिशोध की राजनीति से नहीं डरती। केरल कांग्रेस प्रदेश कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सुधाकरन को राज्य पुलिस की अपराध शाखा ने शुक्रवार को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह तो केंद्र में भाजपा के खिलाफ एक बड़ा विपक्षी गठबंधन बनाने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन माकपा और कांग्रेस पश्चिम बंगाल में भाजपा के साथ मिलकर काम करने का प्रयास करके इसमें बाधा उत्पन्न कर रही हैं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव से पहले हो रही हिंसा में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की संलिप्तता है। विपक्षी एकता के प्रयासों की डगर कठिन होने का संकेत देते हुए दिल्ली अध्यादेश मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच तकरार तब और बढ़ गयी जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि विपक्ष की एकता पर उनका बयान इसे नुकसान पहुंचाने और भाजपा के साथ राजनीतिक सौदेबाज़ी के लिए सोच-समझकर उठाया गया कदम है। सत्रह विपक्षी दलों ने शुक्रवार को पटना में आयोजित बैठक में केंद्र में भाजपा को हराने के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया था। वे संयुक्त रणनीति बनाने के लिए अगले महीने शिमला में बैठक करेंगे।टीएमसी प्रमुख बनर्जी ने सोमवार को यहां पंचायत चुनाव के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम केंद्र में भाजपा के खिलाफ एक महागठबंधन (महाजोट) बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन माकपा और कांग्रेस बंगाल में भाजपा के साथ मिलकर काम करने की कोशिश कर रही हैं।

मैं बंगाल में इस नापाक गठजोड़ को तोड़ दूंगी।’’ पिछले दस दिनों में यह दूसरी बार है, जब बनर्जी ने भाजपा के साथ मौन समझौता करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस और माकपा की आलोचना की है। बनर्जी के दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘‘भाजपा के खिलाफ लड़ाई में टीएमसी की विश्वसनीयता हमेशा सवालों के घेरे में रही है। हम सभी जानते हैं कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई में टीएमसी ने पिछले कुछ वर्षों में क्या भूमिका निभायी है।’’ चौधरी के सुर में सुर मिलाते हुए माकपा ने कहा कि बनर्जी को भाजपा के खिलाफ लड़ने के तरीकों पर वाम दलों और कांग्रेस को उपदेश देने की जरूरत नहीं है। हालिया पंचायत चुनाव का उल्लेख करते हुए येचुरी ने आरोप लगाया कि टीएमसी की सरकार के तहत चुनाव में हिंसा होना आम बात हो गया है। उन्होंने कहा कि इस बार की हिंसा में 10 लोगों की मौत हुई है। इस बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में वैग्नर समूह के “रूसी राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ विद्रोह” और पिछले हफ्ते पटना में विपक्षी दलों की बैठक के बीच समानता बताई है। उसने विपक्षी दलों के संदर्भ में सोमवार को दावा किया कि भारत में “वैग्नर समूह” अहिंसा के मार्ग पर चलकर मतपेटियों के माध्यम से नरेन्द्र मोदी सरकार को उखाड़ फेंकेगा।

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