भोपालगढ़ क्षेत्र की सड़कों पर टोल , सुविधाएं नाम मात्र की
भोपालगढ़। जोधपुर-भोपालगढ़ स्टेट हाइवे-63 पर कुड़ी व जाजीवाल गांवों के साथ ही भावी-भोपालगढ़-खींवसर स्टेट हाइवे पर नाड़ातोड़ा व मंगेरिया के पास स्थित टोल प्लाजा से प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों से टैक्स तो पूरा वसूला जाता है, लेकिन इन टोलनाकों पर सुविधाएं नाम मात्र भी नहीं है । इन सभी टोलनाकों पर न तो पीने के पानी व शौचालय की कोई पुख्ता व्यवस्था है और न ढंग की क्रेन व एंबुलेंस एवं अन्य सुविधाएं की गई है। यहां लग हुए कर्मचारी का लहजा बात करने का तरीका ठीक से नहीं है, अपनी मनमानी चलाते हैं ।
आने जाने वाले यात्रियों फोटो नाके से निकलते हुए भय की स्थिति रहती है। क्योंकि यहां काम करने वाले कर्मचारियों का भी न कोई ड्रेसकोड है और न इनका संबंधित पुलिस थानों में वेरिफिकेशन करवाया जाता है। ना ही आईडी कार्ड लगे हुए हैं। जिसकी वजह से यहां असामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। यही नहीं, नाड़ातोड़ा टोल प्लाजा तो भोपालगढ़ नगरपालिका की सीमा से महज 50-100 मीटर दूर होने के बावजूद नगरपालिका क्षेत्र के वाहन चालकों से जबरन टोल वसूली की जाती है और इस दौरान नियम बताने वाले वाहन चालकों के साथ टोलकर्मी बदसलूकी करने से भी बाज नहीं आते हैं। जबकि इस टोल प्लाजा से करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित रतकुड़िया गांव के वाहनचालकों को यहां टोल में छूट दी गई है।
दरअसल भोपालगढ़ क्षेत्र से गुजरने वाले दो अलग-अलग स्टेट हाइवे जोधपुर-भोपालगढ़-कुचेरा एवं भावी-भोपालगढ़-खींवसर की सड़कों पर क्रमशः कुड़ी व जाजीवाल एवं नाड़ातोड़ा व मंगेरिया में टोल प्लाजा बनाए हुए हैं और पर इन पर टोल वसूली का जिम्मा निजी हाथों में सौंप रखा है। टोलनाकों की शुरुआत के समय वाहन चालकों को तमाम तरह की सामान्य सुविधाओं के दावे किए गए थे, लेकिन ये दावे हकीकत में कभी नहीं उतर सके और वाहन चालकों को यहां की अव्यवस्थाओं से भी कभी निजात नहीं मिल सकी। इस संबंध में हुक्मनामा संवाददाता ने टोल बूथ के प्रबंधन से जुड़े लोगों को कई बार फोन भी लगाए, लेकिन उनका फोन नो रिप्लाई ही आया। कई बार जाकर पूछने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाता है।
-- न ड्रेस कोड, न वेरीफिकेशन --
भोपालगढ़ क्षेत्र के अधिकांश टोल नाकों पर अन्य जिलों व दूसरे प्रदेशों तक के कर्मचारी लगा रखे हैं। लेकिन न तो इनके लिए कोई ड्रेस कोड लागू है और न ही टोल बूथ पर बैठने वाले कर्मचारी कभी नियमानुसार ड्रेस पहने नजर आते हैं। इसके साथ ही हर तीन-चार महीने में यहां कर्मचारियों की अदला-बदली भी कर दी जाती है, लेकिन कभी भी इन कर्मचारियों का संबंधित पुलिस थानों में वेरिफिकेशन तक नहीं करवाया जाता है और इस बात को स्थानीय पुलिसकर्मी भी स्वीकार करते हैं। शुरुआत में एकाध बार दिखावे के लिए 2-4 कर्मचारियों के आधार कार्ड पुलिस को दे दिए गए, लेकिन इसके बाद कभी भी इन कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाई गई। जिसकी वजह से टोलनाकों पर असामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है और कई बार रात के समय टोल बूथ पर बैठे कर्मचारी वाहन चालकों से अभद्र व्यवहार पर भी उतर आते हैं तथा वाहनों में बैठी महिलाओं का भी लिहाज नहीं करते हुए गाली-गलौच तक कर देते हैं। यही नहीं, इन टोलनाकों पर कई बार शाम ढलते ही आसपास के कुछ शराबी व असामाजिक तत्व भी मंडराते नजर आते हैं। जिसको लेकर कई बार लोगों ने स्थानीय पुलिस व प्रशासन से भी शिकायतें की है, लेकिन टोल प्रबंधन से जुड़े लोगों की राजनैतिक पहुंच के चलते कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
-- दिखावे के लिए रखी हुई है कबाड़ क्रेन --
जोधपुर-भोपालगढ़ स्टेट हाईवे पर जाजीवाल टोलनाके पर एक बेहद पुरानी सी कबाड़ क्रेन केवल दिखावे के लिए ही खड़ी कर रखी है। जो कि असल में काम तो इस हाईवे पर कभी होने वाले सड़क हादसे के समय मदद के लिए आनी होती है। लेकिन अक्सर यह क्रेन खराब ही पड़ी रहती है और इसमें समय पर डीजल तक नहीं भरवाया जाता है। इसको लेकर यात्री गणों का कहना है, कि एक बार जोधपुर रोड पर हुए सड़क हादसे के समय टोल प्लाजा की क्रेन को बुलाया, तो उन्हें जवाब मिला कि क्रेन में तो स्टार्ट ही नहीं हो रही है।
-- नगरपालिका सीमा पर टोल, फिर भी वसूली --
भोपालगढ़ से भावी के स्टेट हाईवे पर नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 के सीमा से महज 50-100 मीटर की दूरी पर ही टोल प्लाजा बना हुआ है और अमूमन टोल प्लाजा से 5-7 किलोमीटर की दूरी में रहने वाले लोगों के वाहनों की टोल वसूली नहीं होती है। लेकिन इसके बावजूद भोपालगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के वाहनचालकों से भी यहां न केवल जबरन टोल वसूली की जाती है, बल्कि वाहनचालकों द्वारा नियमों का हवाला दिए जाने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता है और ऐसी घटनाएं आए दिन सामने आ रही है। जबकि इस टोल प्लाजा से करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित होने के बावजूद रतकुड़िया गांव के वाहनचालकों से उनका आधार कार्ड दिखाए जाने के बाद टोल नहीं लिया जाता है, लेकिन भोपालगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के लोग आए दिन इन टोलकर्मियों के दुर्व्यवहार का शिकार होते हैं।
-- क्या कहते हैं वाहन चालक --
रतकुड़िया रोड पर नगरपालिका की सीमा के पास होने के बावजूद आधार कार्ड दिखाने पर भी हम लोगों से जबरन टोल वसूली की जाती है और भोपालगढ़ का आधार कार्ड दिखाने पर भी हमारे साथ टोल कर्मचारी दुर्व्यवहार व गाली-गलौच तक करने लग जाते हैं। - रामनिवास, वाहन चालक, भोपालगढ़
-- क्या कहते हैं स्थानीय विधायक ,--
जोधपुर-भोपालगढ़ एवं भावी-भोपालगढ़-खींवसर स्टेट हाईवे पर स्थित टोल प्लाजों में सुविधाएं एवं कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होने के साथ ही कर्मचारियों द्वारा लोगों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार को लेकर बार-बार शिकायतें आ रही है। टोलकर्मियों व इनके प्रबंधन को भी मैंने व्यक्तिगत कई बार समझाया भी है। लेकिन ये लोग बाज नहीं आ रहे हैं। शीघ्र ही इस संबंध में हाईवे के उच्चाधिकारियों से बात कर कार्यवाही करवाऊंगा। नगर पालिका शहर के आम जनों का टोल ना लगे संबंधित अधिकारी से बात की जाएगी।
पुखराज गर्ग, विधायक, भोपालगढ़