नेशनल ताइक्वांडो प्रतियोगिता में टोंक के खिलाडिय़ों ने जीते मेडल
एपीआरआई में विश्व विरासत दिवस पर प्रदर्शनी का आयोजन
टोंक । विश्व विरासत दिवस के अवसर पर मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान में टोंक की विरासत को दर्शाते हुए एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन हाज़ी मुहम्मद हुसैन एंव दूलीचंद द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में नम्दा आर्ट के नमूने, रियासत कालीन मीलाद शरीफ व महत्वपूर्ण रियासतकालीन दुर्लभ ऐतिहासिक इमारतों के चित्रों की प्रदर्शनी व चहार बैत कलाकारों द्वारा प्रदर्शन, टोंक के मुशायरे, शाम-ए-गज़ल, कव्वाली व हिन्दी, अरबी व फारसी के कैलीग्राफी नमूनों को प्रदर्शित किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. सैयद सादिक़ अली ने कहा कि विश्व धरोहर दिवस अथवा विश्व विरासत दिवस प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया जाता है, जिसे ‘‘स्मारकों एवं स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस’’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि पूरे विश्व में मानव सभ्यता से जुड़े ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के महत्व, उनके अस्तित्व के सम्भावित खतरों व उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता लाई जा सके। उन्होने कहा कि भारत में ऐसे विरासत स्थलों की कुल संख्या 40 है, जिनमें से 32 स्थल सांस्कृतिक, 7 स्थल प्राकृतिक व एक स्थल मिश्रित श्रेणी से हैं।