कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रंद्धाजलि
सीकर। जयपुर बाईपास रोड़ स्थित शहीद स्मारक में 24 वें कारगिल विजय दिवस पर शहीदों के सम्मान में कार्यक्रम के आयोजन में पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों व जवानों को माला व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी । इस मोके पर पूर्व सैनिकों ने कहा कि आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज दो महीने तीन हफ्ते और दो दिनों तक चलीं कारगिल की जंग में पाकिस्तानी घुसपैठियों को हमारे वीर जवानों ने उनकी औकात दिखा दी । पूर्व सैनिकों ने कहा कि कारगिल के युद्ध में शेखावटी के वीर जवानों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा कभी भुलाया नहीं का सकता । 999 में कारगिल युद्ध के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की बहादुरी और वीरता को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन 'ऑपरेशन विजयÓ की जीत का जश्न है, जो 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान पर एक महत्वपूर्ण सैन्य जीत थी। कारगिल युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर लड़ा गया था। यहां भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजयÓ के तहत पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़कर प्रसिद्ध 'टाइगर हिलÓ और आसपास की अन्य महत्वपूर्ण चौकियों पर दोबारा कब्जा कर तिरंगा फहराया था। शेखावटी के वीर जवानों ने अपनी मातृभूमि के लिए जान दे दी । सोल्जर्स वेलफेयर कमेठी आफ इंडिया-सीकर (राजस्थान)ने कारगिल विजय दिवस पर शहिदो को शहीद स्मारक पर शरदांजली अर्पित कि। एनसीसी यूनिट द्वारा कारगिल विजय दिवस श्रद्धा पूर्वक बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आज पूर्व सैनिकों ने मांग की है कि हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि देश की मातृभूमि के लिए जो जवान शहीद होते हैं उनकी पेंशन लागू की जाए । उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में जो सेना के जवान शहीद हुए हैं वह आदमी पेंशन के लिए तरस रहे हैं, उनकी वीरांगनाओं को पेंशन दी जाए और ओपीएस लागू किया जाए