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ब्लड कैंसर से पीड़ित मीडिया कार्मिक की मदद के लिए ट्रस्ट आगे आया 

ब्लड कैंसर से पीड़ित मीडिया कार्मिक की मदद के लिए ट्रस्ट आगे आया 

सुमेरपुर ।  पिछले करीबन दस माह से अस्पताल में अपनी गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहे एक मीडिया कर्मी की आर्थिक मदद की गुहार को लेकर श्रीगौतम ऋषि ट्रस्ट अहमदाबाद/सुमेरपुर आगे आया है। जिससे अब पीड़ित के मर्ज बॉर्न मेरो ट्रांसप्लांट (ब्लड कैंसर) की जांच दिल्ली लैब से रिपोर्ट आकर उदयपुर में बाद उपचार राहत मिल सकेगी। आर्थिक मदद को लेकर उपखंड अधिकारी सुमेरपुर सहित अन्य द्वारा भी ट्रस्ट से आग्रह किया गया था।
दरअसल, यहां उपखंड के पोयणा गांव (सुमेरपुर) निवासी मीडिया कर्मी पुखराज कुमावत (45) पुत्र भूदाराम कुमावत को गत वर्ष अक्टूबर 2022  में अपने बाएं पांव मे खींचाव होने से चलने फिरने में परेशानी होने की शिकायत पर उन्होंने प्राथमिक उपचार के लिए यहां के एक निजी अस्पताल में आर्थोपेडिक्स विशेषज्ञ से चेकअप करवाया तो जांच में बताया गया कि उनके जांघ की हड्डी अंदर से खोखली हो गई है इसके लिए आपरेशन जरूरीतत्काल करवाने का परामर्श दिया और पीड़ित कुमावत ने इसी अस्पताल में आपरेशन करवा लिया। इस संदर्भ में उन्होंने अपनी हड्डी की बायोस्पी (लेब उच्च जांच) के लिए अहमदाबाद में दो अलग अलग लेब में भिजवाई। यहां तक अपने पास जमा पूंजी राशि को वे इलाज में देते रहे। इसी दरम्यान आपरेशन के बाद वे अपने गांव पोयणा चले गए। उधर अहमदाबाद लेब से संबंधित हड्डी की बायोस्पी रिपोर्ट में इन्हें ब्लैड कैंसर होना बताया। 
पिछले दस माह से उदयपुर अस्पताल में संघर्ष जारी 
ब्लड कैंसर से पीड़ित पुखराज कुमावत को धीरे धीरे बुखार और मर्ज में राहत नही मिलने पर परिजन उन्हें लेकर उदयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां राज्य सरकार का चिरंजीवी हैल्थ योजना कार्ड उपयोगी बना ओर निरंतर अस्पताल में भर्ती मरीज का उपचार हो रहा है। इसी बीच अस्पताल के विशेषज्ञों ने अपनी जांच में पाया कि संबंधित मरीज कुमावत का बॉर्न मेरो ट्रांसप्लांट (उच्च स्तरीय लैब जांच) में किया जाए तो बहुत हद तक मर्ज का उपचार कर राहत दी जा सकती है। इसके लिए संबंधित आधुनिकतम लैब दिल्ली में होने पर राजस्थान सरकार का चिरंजीवी हैल्थ योजना कार्ड दिल्ली में स्वीकार नही होने पर इसमें होने वाले व्यय राशि को लेकर संकट खड़ा हो गया।
 
एसडीएम , नगर पालिकाध्यक्ष ने भी आर्थिक सहायता की अनुशंसा की 
 
उदयपुर में भर्ती मरीज कुमावत को लेकर उदयपुर अस्पताल ने प्रथम चरण में उपचार के बाद जब दूसरे चरण में जांच करनी शुरू की तो मरीज के हार्ड की प्रॉब्लम और बुखार आदि होने से जांच रोक कर उन्हे एक दो सप्ताह के लिए उचित दवाइयां व परामर्श देकर उन्हें गांव भिजवा कर वापस नॉर्मल होने पर आने की हिदायद दी गई। यहां आने पर कुमावत को दिल्ली लैब में अपने बॉर्न मेरो ट्रांसप्लांट के अतिरिक्त व्यय की चिंता सताने लगी और उन्होंने अपनी प्रतिवेदना को श्री गौतम ऋषि ट्रस्ट अहमदाबाद सुमेरपुर तक पहुंचाई। कुमावत के निवेदन पत्र पर उपखंड अधिकारी सुमेरपुर हरीसिंह देवल, सुमेरपुर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती उषाकंवर अनोपसिंह राठौड़, महावीर इंटरनेशनल क्लब सुमेरपुर शिवगंज के अध्यक्ष माधवदत्त दवे ने भी पीड़ित को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने में अनुशंसा की गई।
 
श्री गौतम ऋषि ट्रस्ट अहमदाबाद सुमेरपुर मदद के लिए आगे आया।
 
पिछले बीस वर्षो से पाली, जालोर ओर सिरोही जिलों सहित प्रदेश के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश अनेक स्वास्थ्य से पीड़ित सैंकड़ों मरीजों को श्रीगौतम ऋषि ट्रस्ट अहमदाबाद/ सुमेरपुर और हिम्मत फाउंडेशन सुमेरपुर/अहमदाबाद पीड़ित मदद के लिए आगे रहा है । इस ट्रस्ट की प्रमुख संचालिका समाजसेवी श्रीमती अनिता बोहरा पत्नी मनोज बोहरा निवासी सुमेरपुर हाल अहमदाबाद ने मीडिया कर्मी पुखराज कुमावत को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने में प्राप्त अनुशंसा पत्र पर तत्पर्ता से कारवाई करते हुए सहायता राशि की कुल राशि में फिफ्टी यानी आधी राशि संबंधित मरीज के बैंक एकाउंट में हस्तांतरित कर दी है और शेष राशि भी जल्द भिजवाने का आश्वासन दिया है। ट्रस्ट के मानवपयोगी कार्यों को देखते हुए गत वर्ष स्वाधीनता दिवस पर पाली जिला मुख्यालय पर जिला कलक्टर नमित मेहता ने श्रीमती अनिता बोहरा मनोज बोहरा को सम्मानित भी किया जा चुका है।
 
इनका कहना है कि 
 
पीड़ित को सहायता से आत्मिक संतुष्टि मिलती है 
ट्रस्ट के माध्यम से मानव पीड़ित को आगे भी आवश्यक सहायता को तत्पर रहेंगे। इलाज उपरांत मरीज जल्द ठीक हो जाए तो हर प्रकार की सामूहिक मदद सार्थकता प्रमाणित करती है। सहायता से आत्मियक सन्तोष की अनुभूति मिलती है।
मनोज बोहरा प्रमुख,
गौतम ऋषि ट्रस्ट अहमदाबाद/सुमेरपुर।
 
दिल्ली लैब में ब्लड ओर सेल जांच में भेजे जाएंगे
 
रोगी के ब्लड सेल दिल्ली भेज कर रिपोर्ट बाद उपचार 
संबंधित रोगी को बॉर्न मेरो ट्रांसप्लांट यानी एक प्रकार से ब्लड कैंसर हो गया है। दिल्ली में इनके ब्लड ओर सेल को उच्च जांच के लिए भिजवाए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि अगले छह से आठ माह के उपचार बाद मरीज को राहत मिल सकती है।
डा.अंकित अग्रवाल 
(एम डी) केंसर रोग विशेषज्ञ 
गीतांजलि केंसर सेंटर, उदयपुर।

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