आरबीएसके से चूरू के दो बच्चों को मिला निःशुल्क हृदय उपचार
चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में चिकित्सा सेवाएं सतत सुदृढ़ हो रही हैं। इसी कड़ी में जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे चूरू जिले के 02 मासूम बच्चों और उनके परिवारों के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। समय पर हुई स्वास्थ्य जांच और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ाव बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। ऐसा ही हुआ जब चूरू जिले में आरबीएसके की मेडिकल टीमों द्वारा स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित किए गए दो बच्चों का आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क हृदय उपचार कराया गया। सफल उपचार के बाद दोनों बच्चे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।
सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग की जाती है। चिन्हित बच्चों को डीईआईसी सेंटर के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़कर आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मोबाइल हेल्थ टीमों और डीईआईसी स्टाफ के समन्वित प्रयासों से बच्चों को समय पर उपचार मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है।
रौनक के दिल का हुआ निःशुल्क उपचार
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शशांक चौधरी ने बताया कि जिले के सुजानगढ़ निवासी सत्यनारायण के 10 वर्षीय पुत्र रौनक की स्कूल स्क्रीनिंग के दौरान आरबीएसके की मेडिकल टीम ने जांच की। जांच में उसके हृदय में छेद होने की जानकारी सामने आई। टीम ने तत्काल रौनक के परिजनों से संपर्क कर बीमारी एवं उपलब्ध निःशुल्क उपचार की जानकारी दी। इसके बाद रौनक को परिजनों के साथ चूरू स्थित डीईआईसी सेंटर भेजा गया। डीईआईसी मैनेजर विजेन्द्र भाटी के समन्वय से रौनक की राजकीय चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच करवाई गई। चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर रौनक को उच्च स्तरीय उपचार के लिए अहमदाबाद स्थित सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल भेजा गया, जहां आयुष्मान योजना के तहत उसका हृदय रोग का निःशुल्क उपचार किया गया। उपचार के बाद रौनक अब पूरी तरह स्वस्थ है। उसके परिजनों ने आरबीएसके टीम और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर बीमारी का पता चलने और निःशुल्क उपचार मिलने से उनके बच्चे को नया जीवन मिला है।
गर्विता की मुस्कान से फिर मुस्कराया पूरा परिवार
इसी प्रकार रतनगढ़ क्षेत्र के जालेऊ निवासी शंकरलाल की 4 वर्षीय बेटी गर्विता भी जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। आरबीएसके की मेडिकल टीम ने स्क्रीनिंग के दौरान गर्विता की जांच की, जिसमें उसके हृदय में छेद होने की जानकारी सामने आई। टीम ने गर्विता के परिवार से संपर्क कर निःशुल्क उपचार की प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद बच्ची को परिजनों के साथ चूरू स्थित डीईआईसी सेंटर भेजा गया। यहां से आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर राजकीय चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ से गर्विता की जांच करवाई गई।
चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर गर्विता को जोधपुर के मेडिप्लस हॉस्पिटल में उपचार के लिए भेजा गया, जहां आयुष्मान योजना के तहत उसका हृदय रोग का निःशुल्क उपचार कराया गया। सफल उपचार के बाद गर्विता अब पूरी तरह स्वस्थ है। बच्ची की खिलखिलाती मुस्कान देखकर उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है।
समय पर पहचान और उपचार बना बच्चों के स्वस्थ भविष्य का आधार
आरबीएसके की मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के माध्यम से बच्चों में जन्मजात एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की जा रही है। चिन्हित बच्चों को डीईआईसी सेंटर के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से जोड़कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
प्रदेश सरकार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि आर्थिक कारण किसी भी बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य की राह में बाधा न बने। समय पर बीमारी की पहचान, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और निःशुल्क उपचार के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।