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कालका माता मंदिर असावरी में दो दिवसीय मेला आज से

कालका माता मंदिर असावरी में दो दिवसीय मेला आज से

असावरी. गांव की पहाड़ी पर स्थित कालका माता मन्दिर प्रांगण में आज बुधवार को रात्रिकालीन भव्य जागरण का आयोजन होगा, जागरण में राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकार अनिल सैन, महावीर सांखला, महावीर नागौरी, और ममता कच्छावा शिरकत करेंगे मेले की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं वही गुरुवार को दिन में मन्दिर निर्माण को लेकर किया जाने वाले लक्की ड्रा का आयोजन होगा और दिनभर भक्तों का आवागमन रहेगा रोचक तथ्य, मन्दिर को प्रथम नवरात्रि से ही खुबसूरत लाइटिंग से सजाया गया है और विभिन्न प्रकार की फूल मालाओं और रंग बिरंगे कपङो से सजाया गया है मंदिर पर प्रथम दिवस से ही भक्तों का तांता लगा रहता है, मुख्य मंदिर पहाड़ी पर स्थित है जहां तक पहुचने के लिए 190 सीढ़ियों से गुरजना पङता है, मान्यता के अनुसार इन सभी सीढ़ियों पर भक्तों द्वारा गोठे भी चढाये जातें हैं, इस नवरात्रि में अभी तक सो से अधिक परिवारों ने गोठे चढाये है और यह कार्य अंतिम नवरात्रि तक अनवरत चलता रहेगा मंदिर का इतिहास वृद्धजनों के अनुसार यह मंदिर 200 साल प्राचीन है, पहले यह मंदिर छोटे स्वरूप में पहाड़ी के पास में ही स्थित था लेकिन गाँव के किसी व्यक्ति के बैलों की जोड़ी के गुम होने पर माता जी से प्रार्थना की अगर मेरे बैल मिल जायेंगे तो मैं पहाड़ी पर मंदिर का निर्माण करवाऊंगा, कुछ दिन बाद बैल स्वत ही पहाड़ी के पास आकर खङे हो गए, कही हुइ बात के अनुसार मंदिर का निर्माण पहाड़ी पर करवाया गया जिसका जिर्णोद्वार पांच सात वर्ष पहले किया गया चमत्कार प्राचीन मान्यताओं के अनुसार पास की पहाड़ी पर राजा द्वारा बनाये जा रहे महल के कार्य को कालका माता द्वारा आवाज देकर रुकवाया गया, जिसके खंडहर आज भी पास की पहाड़ी पर स्थित है किसी मोबाइल फोन कंपनी के कर्मचारियों द्वारा बिना माता की अनुमति के टावर का निर्माण करने से वह टावर टेडा हो गया जो आज भी बंद पङा है, मान्यता के अनुसार किसी भी वस्तु की उंचाई माता जी मंदिर से ज्यादा नहीं हो सकती है परम्पराएं भवन निर्माण करवाने पर प्रथम पट्टी और आभूषण निर्माण करवाने पर प्रथम आभुषण का चढावा अनिवार्य रूप से गाँव के प्रत्येक परिवार को चढाना ही होता है सम्पूर्ण गाँव के लोग इस परम्परा का निर्वहन गाजे बाजे, हंसी खुशी करते आ रहें हैं प्रतिबंध मंदिर पर बलि चढाना और शराब चढाना प्रतिबंधित है अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो माता स्वयं अपने चमत्कार दिखाती हैं, ऐसे चमत्कार बहुत बार किए हैं ऐसी मान्यता है गाँव के प्रत्येक परिवार में मंदिर के प्रति अनन्य श्रद्धा भाव है

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