इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया विजिट; दो दिवसीय जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 का हुआ समापन
जयपुर। लघु उद्योग भारती, सीडॉस और रीको के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर एग्ज़ीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा में आयोजित हो रहे इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के समानांतर चल रहे जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय फेस्टिवल का समापन समारोह केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।दिनभर चले आर्किटेक्चर फेस्टिवल के सत्रों के पश्चात शाम के समय केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जेईसीसी पहुंचे, जहां उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के क्लोज़िंग सेशन में भाग लेकर फेस्टिवल का औपचारिक समापन किया।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का संबोधन
समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि, “स्टोन, आर्किटेक्चर और शहरी विकास भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल जैसे मंच नीति, डिज़ाइन और उद्योग के बीच संवाद को मजबूत करते हैं। उन्होंने राजस्थान के स्टोन उद्योग की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए सस्टेनेबल माइनिंग, वैल्यू एडिशन और आधुनिक तकनीक को अपनाने पर ज़ोर दिया।
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 : दूसरा दिन और समापन
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के दूसरे और अंतिम दिन मास्टर स्पीक सेशंस, पैनल डिस्कशन्स और स्टूडेंट इंस्टॉलेशन्स आकर्षण का केंद्र रहे।विख्यात आर्किटेक्ट जितेंद्र मेहता ने 'इन्दौर डेवलपमेंट मॉडल' पर आधारित सत्र में बताया कि किस प्रकार संतुलित शहरी नियोजन, नागरिक सहभागिता और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से इंदौर देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है। इसके अतिरिक्त 'रिइनवेंटिंग लोकल स्टोन विथ मॉडर्न कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजिस' और 'स्टोन इन द एज ऑफ ग्लास एंड स्टील' जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे, जिसमें राजस्थान के स्थानीय पत्थरों की आधुनिक वास्तुकला में बढ़ती प्रासंगिकता पर विशेष चर्चा हुई।
आंध्र प्रदेश के खान मंत्री कोल्लू रविंद्र गरु की उपस्थिति जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के समापन दिवस पर आंध्र प्रदेश के माननीय खान मंत्री श्री कोल्लू रविंद्र गरु ने भी इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में शिरकत की। उन्होंने स्टोन सेक्टर में अंतरराज्यीय सहयोग, निवेश और तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार व्यक्त किए। आंध्र प्रदेश सरकार के माननीय माइन्स मंत्री श्री कोल्लू रविंद्र गुरु ने मंच से अपने संबोधन में इंडिया स्टोनमार्ट 2026 को एक दूरदर्शी और समय की आवश्यकता से जुड़ा आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल व्यापार का मंच नहीं है, बल्कि यह सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में बेहद अहम है। उन्होंने स्टोन और माइन्स सेक्टर में तकनीकी नवाचार, रिसोर्स मैनेजमेंट और इको-फ्रेंडली प्रैक्टिसेज़ को अपनाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन उद्योग को नई दिशा देते हैं। मंत्री श्री कोल्लू ने विश्वास व्यक्त किया कि इंडिया स्टोनमार्ट जैसे प्लेटफॉर्म से निकलने वाली भविष्य की परियोजनाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी प्राथमिकता देंगी।
स्टूडेंट्स और युवा आर्किटेक्ट्स की भागीदारी जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 में आर्किटेक्चर छात्रों द्वारा प्रस्तुत डिज़ाइन इंस्टॉलेशन्स को विशेषज्ञों और वरिष्ठ आर्किटेक्ट्स द्वारा सराहा गया। छात्रों के साथ सीधा संवाद और मार्गदर्शन इस फेस्टिवल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा। स्टोन, आर्किटेक्चर और भविष्य के शहर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के साथ आयोजित जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 ने स्टोन इंडस्ट्री, वास्तुकला और शहरी विकास के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में अपनी पहचान बनाई है। दो दिनों तक चले इस फेस्टिवल में भविष्य के शहरों, टिकाऊ निर्माण और भारतीय स्टोन की वैश्विक भूमिका पर व्यापक विमर्श हुआ।