अमेरिका का ईरान के केशम द्वीप पर हमला, बातचीत के बीच बढ़ा तनाव
Tehran. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने सोमवार को ईरान के केशम द्वीप पर सीमित सैन्य कार्रवाई की। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन अमेरिकी अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी संपत्तियों को सुरक्षित रखना था। उन्होंने इसे किसी बड़े सैन्य अभियान के बजाय बचाव से जुड़ी कार्रवाई बताया।
एक अधिकारी के अनुसार, ईरान की ओर से अमेरिकी विमान पर गोलीबारी किए जाने के बाद यह हमला किया गया। वहीं, दूसरे अधिकारी ने बताया कि ईरान अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा था। इसी खतरे को देखते हुए अमेरिकी सेना ने सीमित कार्रवाई की।
इस सैन्य घटनाक्रम के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत जारी रहने और समझौते की संभावना जताई है। सोमवार को सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ कूटनीतिक प्रयास अब भी जारी हैं और समझौता हो सकता है। फॉक्स न्यूज के एक कार्यक्रम में भी ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष को बड़ा युद्ध बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो युद्ध की स्थिति बन सकती है, हालांकि उनके मुताबिक ईरान समझौते के लिए गंभीरता दिखा रहा है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी बातचीत में कुछ सकारात्मक प्रगति होने की बात कही। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का रुख कभी-कभी अप्रत्याशित रहता है और अमेरिका के पास सैन्य तथा गैर-सैन्य, दोनों तरह के विकल्प मौजूद हैं।
दूसरी तरफ, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कतर की अगुवाई में तीन दिनों तक चली अप्रत्यक्ष और गोपनीय बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। ईरान ने सोमवार को कहा कि अब फैसला लेने की जिम्मेदारी अमेरिका की है। इस बयान के बावजूद ट्रंप ने बातचीत में प्रगति की उम्मीद जताई है।
हमले की जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने इस कार्रवाई को सार्वजनिक रूप से ज्यादा चर्चा में नहीं आने दिया। इसका उद्देश्य रक्षात्मक कदम को बड़े सैन्य अभियान के रूप में पेश होने से रोकना था। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान के साथ तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई का मुद्दा चर्चा में है।
इससे पहले ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत में ईरान युद्ध पर चर्चा की थी। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि ट्रंप फिलहाल बातचीत को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं, जबकि नेतन्याहू ईरान पर दोबारा हमले शुरू करने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि, दोनों नेताओं के रुख को लेकर ये बातें रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कही गई हैं।
रणनीतिक लिहाज से केशम द्वीप बेहद अहम है। यह ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह शहर से करीब 14 मील दूर स्थित है और होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री यातायात पर ईरान के नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। युद्ध से पहले इस समुद्री मार्ग से प्रतिदिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता था। अमेरिका इससे पहले भी युद्ध के दौरान इस द्वीप को निशाना बना चुका है।