तिहारी-दादिया-अरांई सडक पर घटिया सामग्री का उपयोग
दादिया ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सोंप कर काम बन्द करने की मांग करी
अरांई। अरांई से दादिया-तिहारी होते हुए अजमेर तक सडक निर्माण कार्य में सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री के उपयोग से ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों ने रूपसिंह कोठारी, भागचन्द चौधरी, गापेाल जाट, शौकीन, रामेश्वर चौधरी, प्रहलाद, रंगलाल, हनुमान के नेतृत्व में उपखण्ड अधिकारी देवी लाल यादव को सांदोलिया महंगाई राहत शिविर में ज्ञापन सोंप कर बताया कि ठेकेदार के साथ सार्वजनिक निर्माण विभाग अधिकारियों की सह पर उक्त सडक पर घटिया सामग्री के उपयोग से सडक के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों के बार बार शिकायत के बाद भी सार्वजनिक विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया है। ज्ञापन में बताया कि गया कि करीब पचास वर्ष बाद उक्त सडक पर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। यदि सडक घटिया सामग्री से बनी तो आवाजाही में परेशानी का सामना करना पडेगा। ग्रामीणों ने सडक निर्माण को तुरन्त प्रभाव से बन्द करा कर पहले गुणवता का जांच की जावें। उपखण्ड अधिकारी ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को पत्र भेज कर जांच के आदेश दिये है।
यह लगाये आरोप- ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ठेकेदार पुरानी सडक की बना डामर हटाये उसे पर रोलर चला कर उसे को ही कूट रहा है। जिससे डामर एवं नई गिट्टी के मेल नहीं होगा और सडक जल्दी वापस टूट जाएेगी। सउक के दोनो और अतिरिक्त पटि्टयां जोडी जा रही है जो मूल सडक के साथ नहीं कूटी जा रही है जिससे पटि्टयां एवं मूल सडक में जोड आ रहा है सडक बहुत जल्द वापस खुल जाऐगी। सडक के दोनो ओर खेतों से मिट्टी खुदाई कर वहीं डाली जा रही है जिससे खेतों के सामने बडी बडी खाई बन रही है इससे किसान खेत में नहीं जा पा रहे है। सडक निर्माण में एकरूपता की भारी कमी है। सडक निर्माण में जगह जगह जोड आ रहे है।
पाल तोड कर बना दी सडक- सडक के ठेकदार ने दादिया के सार्वजनिक तालाब की पाल तोड कर उसकी मिट्टी उठा ली जिससे पाल कमजोर हो गई। वहीं ग्राम पंचायत के तालाब की पाल को तोडना अवैधानिक है। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है।
यह है ग्रामीणों की माग- ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी देवी लाल यादव से मांग करी कि सडक के निर्माण में गुणवता का पूरा ध्यान रखा जावें। पूरानी सडक को पूरी तरह से हटा कर नई सडक का निर्माण किया जावें। किसानों के खेतों से मिट्टी उठाने पर पाबन्दी हो। सडक की पटि्टया एवं मूल सडक को एक साथ कूटा जावें ताकि वह मजबूत बन सके।